अजयारविंद नामदेव, शहडोल। हाई प्रोफाइल जिंदगी, महंगे शौक और जल्दी अमीर बनने की चाहत ने कामवाली महिला और उसके होटल कर्मी साथी को ऐसा खूंखार बना दिया कि उन्होंने अकेले रह रहे 81 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी को मौत के घाट उतार दिया। हैरानी की बात ये रही कि जिस छड़ी के सहारे बुजुर्ग जिंदगी काट रहे थे, उसी छड़ी से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी लाखों रुपये लूटकर फरार हो गए, लेकिन बुजुर्ग के मोबाइल में मौजूद आखिरी कॉल और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी।
शव घर में संदिग्ध हालत में मिला
दरअसल कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू बस स्टैंड स्थित विवेक नगर में 3 जून को रिटायर्ड बैंककर्मी जगदीश प्रसाद मिश्रा (81 वर्ष) का शव घर में संदिग्ध हालत में मिला। अकेले रहने वाले बुजुर्ग की हत्या कर घर से नगदी भी गायब थी। पुलिस ने इसे अंधे कत्ल और लूट मामले की जांच के दौरान मोबाइल डिटेल और कॉल रिकॉर्ड खंगाले। मृतक के मोबाइल में मौजूद लास्ट कॉल ने पुलिस को बड़ा सुराग दिया। पुलिस विवेचना में सामने आया कि आरोपी देवानंद महरा (25 वर्ष) पास के एक होटल में काम करता था और उसका अक्सर बुजुर्ग के घर के आसपास आना-जाना था।
बुजुर्ग पर उसी छड़ी से हमला कर हत्या कर दी
उसने देखा कि जगदीश प्रसाद मिश्रा अकेले रहते हैं। उसने अपनी परिचित अनुश्री परस्ते को बुजुर्ग के घर घरेलू काम के लिए लगवा दिया। काम के दौरान महिला ने घर की पूरी गतिविधियों, बुजुर्ग की दिनचर्या और पैसों की जानकारी जुटा ली। कुछ दिन पहले ही बुजुर्ग बैंक से करीब 5 लाख रुपये निकालकर घर लाए थे, जिसे महिला ने देख लिया था। पैसों को लूटने की साजिश रची और 2-3 जून की दरमियानी रात दोनों आरोपी घर पहुंचे और बुजुर्ग पर उसी छड़ी से हमला कर दिया, जिसके सहारे वे चलते थे।
हत्या के बाद सबूत मिटाने मोबाइल तोड़ दिया
बेरहमी से वार कर बुजुर्ग को मौत की नींद सुला दिया। हत्या के बाद घर में रखी नगदी लेकर फरार हो गए। हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल तोड़कर फेंक दिया, लेकिन तकनीकी जांच और आखिरी कॉल डिटेल ने उनकी पूरी साजिश बेनकाब कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 2 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं। हत्या के बाद महिला आरोपी लूट के पैसों से महंगे सामान खरीद रही थी, अच्छा खाना खा रही थी और शौकिया जिंदगी जी रही थी। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ जारी है।


