संजय पाटीदार, भोपाल। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 55 लाख छात्रों को अब यूनिफॉर्म के लिए नकद राशि मिलने के बजाय सिली हुई गणवेश उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर के कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए नई व्यवस्था लागू करने पर स्कूल शिक्षा विभाग काम कर रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग का दावा है कि इससे बच्चों को समय पर अच्छी गुणवत्ता और एक जैसी यूनिफॉर्म मिल सकेगी। वहीं यूनिफॉर्म की खरीदी और वितरण की जिम्मेदारी इस बार पाठ्यपुस्तक निगम को सौंपी जा सकती है। नया प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट बैठक में लाने पर मंथन चल रहा है।
बच्चों को निःशुल्क गणवेश प्रदान
स्कूल शिक्षा विभाग कक्षा एक से आठवीं तक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निःशुल्क गणवेश प्रदान करेगी, इसके तहत प्रदेश के करीब 55 लाख स्कूली बच्चों को बेहतर गुणवत्ता और एकरूपता वाली यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के निर्देश पर व्यवस्था बदलने की प्लानिंग चल रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 से विद्यार्थियों को नकद राशि के बजाय सिली हुई यूनिफॉर्म देने की नई व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है।
गुणवत्ता वाली यूनिफॉर्म समय पर उपलब्ध कराई जाए
इसके लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया तैयार कर ली गई है और प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। अब तक प्रदेश सरकार यूनिफॉर्म सिलवाने के लिए विद्यार्थियों के खातों में 600 रुपए की राशि ट्रांसफर करती आ रही थी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्राथमिक और मिडिल स्कूल के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाली यूनिफॉर्म समय पर उपलब्ध कराई जाए। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से सभी विद्यार्थियों को एक जैसी गुणवत्ता, रंग और डिजाइन की यूनिफॉर्म मिल सकेगी। बच्चों को गणवेश देने की जिम्मेदारी राज्य शिक्षा केंद्र की है, लेकिन इस बार यूनिफॉर्म की खरीदी और वितरण की जिम्मेदारी इस बार पाठ्यपुस्तक निगम को सौंपी जाएगी।
गणवेश कब तक मिलेगी यह तय नहीं
प्रदेश में 15 जून से स्कूल खुलने जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर यूनिफॉर्म वितरण प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या और आवश्यकताओं के अनुसार मैपिंग कर वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि मैपिग व अन्य प्रक्रिया होगी तो ऐसे में बच्चों को गणवेश कब तक मिलेगी यह फिलहाल तय नहीं है। प्रदेश में स्कूली यूनिफॉर्म वितरण व्यवस्था समय-समय पर बदलती रही है। वर्ष 2020 से पहले विद्यार्थियों के खातों में सीधे यूनिफॉर्म की राशि ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद 2020 में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से यूनिफॉर्म सिलाई का कार्य कराया गया।
सरकार सिली हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की तैयारी में
हालांकि, गुणवत्ता और समय पर वितरण को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने व्यवस्था में कई सुधारात्मक बदलाव किए। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 में फिर से विद्यार्थियों के खातों में सीधे राशि भेजने की व्यवस्था लागू की गई थी। अब एक बार फिर सरकार सिली हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटी है। सितंबर 2025 में 55 लाख छात्रों को 330 करोड़ रुपए जारी किए गए।प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म दी जाती है। इस योजना पर सरकार हर साल करीब 350 करोड़ रुपए खर्च करती है। नई व्यवस्था के जरिए सरकार का उद्देश्य बच्चों को समय पर बेहतर और मानक गुणवत्ता वाली यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना है।

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