आशुतोष तिवारी, दंतेवाड़ा। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुभाष गंजीर को विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी को 88.30 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी माना है।

2017 में दर्ज हुआ था मामला
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में अपराध क्रमांक 04/2017 के तहत धारा 13(1)(ई) और 13(2), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी सुभाष गंजीर पर पदस्थापना के दौरान स्वयं और परिवार के सदस्यों के नाम पर य से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। सूचना के सत्यापन के बाद 14 फरवरी 2017 को अपराध पंजीबद्ध किया गया।

तीन ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
मामले में विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद 15 फरवरी 2017 को ACB की टीम ने आरोपी के शासकीय आवास दंतेवाड़ा, वृंदावन कॉलोनी जगदलपुर और पैतृक ग्राम कोटपाड़, जिला कोरापुट (ओडिशा) में छापेमारी और तलाशी की कार्रवाई की थी।
88.30 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति का दोषी करार
मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ विधिवत अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई और अभियोग पत्र तैयार कर विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, दंतेवाड़ा में पेश किया गया। मामले में विचारण के बाद विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने 31 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। न्यायालय ने सुभाष गंजीर को 88.30 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का दोषी मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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