Dharm Desk – जीवन में जब लगातार प्रयासों के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगती नौकरी में समस्याएं आने लगती हैं और व्यापार में मंदी का दौर खत्म होने का नाम ही नहीं लेता तब इंसान मानसिक रूप से भी टूटने लगता है। ऐसे समय में हमारे शास्त्रों में बताए गए सरल और आस्था से जुड़े उपाय आशा की नई किरण दिखाते है। इन्हीं में से एक बहुत असरदार उपाय है मीठी रोटियों का प्रयोग जिसे विधि-विधान से करने पर नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और राहु के बुरे प्रभाव भी शांत होने लगते है। इन तीनों उपायों को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। नियमित रूप से किए गए ये छोटे-छोटे कर्म इंसान के भाग्य को संवारने का कार्य करते हैं और मुश्किल समय को सरल बना देते है।

चार मीठी रोटियों से दूर होंगी बाधाएं

इसके लिए आपको ताजी चार रोटियां बनाना है और उनमें अच्छी तरह से घी भर देना है। अब इन रोटियों को पीड़ित इंसान के ऊपर से सात बार उतारें। यह विधि करते सयम मन में अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना अवश्य करें। इसके बाद इन रोटियों को किसी भूखे मनुष्य को स्नेहा पूर्वक खिलाएं और साथ में 11 रुपए दान स्वरूप दें। कहा जाता है कि इससे मनुष्य के ऊपर मंडरा रही नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और नौकरी में आ रही रुकावटें खत्म होने लगती हैं और व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलते हैं।

पितरों की कृपा पाने का उपाय

रोजाना जब भी भोजन करें उससे पहले एक रोटी अपने पितरों के नाम से पहले ही अलग निकाल लें। इस रोटी को सुबह के समय किसी गाय को खिला दें गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माला है। पितरों के नाम से अर्पित यह रोटी उन्हें तृप्त करती है और उनका आशीरवाद प्राप्त होता है। पितरों की कृपा से घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन-संपत्ति में वृद्धि होने लगती है।

चींटियों को मीठी रोटी खिलाना

नियमित रूप से थोड़ी सी मीठी रोटी बनाकर उस रोटी को चींटियों के बिल के पास डालें। यह उपाय बहुत सरल है। लेकिन इसका असर बहुत गहरा माना जाता है। चींटियों को खाना खिलाने से राहु ग्रह प्रसन्न होता है और जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी विपत्तियां धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभ कारी है जो अचानक आने वाली परेशानियों आरटीक संकट या मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।

श्रद्धा और सेवा भाव से करें ये उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी उपाय का वास्तविक फल तभी प्राप्त होता है जब उसे पूरी श्रद्धा और विश्वास सकारात्मक सोच और निस्वार्थ भाव से किया जाए। साथ ही जरूरत मंदों की सहायता पशु-पक्षियों को भोजन कराना और दान-पुण्य जैसे कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इस लिए इन उपायों को केवल लाभ की इच्छा से नहीं बल्कि सेवा और आस्था के भाव से करना अधिक फल देने वाला होगा।