प्रमोद कुमार, कैमूर। डाक विभाग की बड़ी लापरवाही का पर्दाफाश हुआ है। भभुआ थाना क्षेत्र के मोकरी गांव में स्थित एक पुराने तालाब के पास दो बोरियों में भरकर हजारों की संख्या में सरकारी और जरूरी दस्तावेज फेंके हुए मिले। इन बोरियों में स्थानीय ग्रामीणों के सरकारी पहचान पत्र, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक शामिल थे। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पोखरे के पास मिले दस्तावेजों के दो बोरे
घटना मंगलवार सुबह की है जब मोकरी गांव के कुछ ग्रामीण अपने खेतों की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर गांव के पुराने तालाब के पास पड़ी दो संदिग्ध बोरियों पर गई। जब ग्रामीणों ने उत्सुकतावश उन बोरियों को खोलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। बोरियों के अंदर मोकरी पंचायत के करीब 10,000 से अधिक लोगों के जरूरी दस्तावेज भरे पड़े थे। इनमें पहचान पत्र, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक शामिल थे, जिन्हें डाक विभाग के माध्यम से लाभुकों तक पहुंचाया जाना था।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय भभुआ थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बोरियों में भरे सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर थाने ले आया। ग्रामीणों का आरोप है कि पोस्टमैन या संबंधित डाककर्मियों ने घर-घर जाकर दस्तावेज बांटने की मेहनत और परेशानी से बचने के लिए शॉर्टकट अपनाया और इन्हें पोखरे के पास फेंक दिया।


ग्रामीणों में आक्रोश और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मोकरी पंचायत के पूर्व मुखिया जय शंकर बिहारी और ग्रामीण तेज बहादुर सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के ये दस्तावेज थे, वे महीनों से अपने बैंक पासबुक और पहचान पत्रों का इंतजार कर रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर घोर लापरवाही और मनमानी का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने जिला प्रशासन और वरीय अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और इस अमानवीय व गैर-जिम्मेदाराना हरकत के लिए दोषी पाए जाने वाले पोस्टमैन तथा अन्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन और डाक विभाग की प्रतिक्रिया
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। भभुआ के एसडीएम अमित कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मोकरी गांव में डाक विभाग से जुड़े कागजात, पहचान पत्र और अन्य सामग्री फेंके जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी सामानों को सुरक्षित थाने में रखवा लिया है। जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जब इस संबंध में भभुआ पोस्ट ऑफिस के सर्किल इंस्पेक्टर चंद्र भूषण प्रसाद से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन पर जानकारी देते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के बाद दोषी कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, वे इस संवेदनशील मुद्दे पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

