दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर लाल किले के अंदर और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। बम निरोधक दस्ते और अन्य संबंधित टीमों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। हालांकि, लंबे सर्च अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। तलाशी पूरी होने के बाद पुलिस ने धमकी को फर्जी करार दिया। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, धमकी देने वाले ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तत्काल दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा। इसके बाद उत्तरी दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और लाल किले में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा एजेंसियों ने बम निरोधक दस्ते और अन्य विशेषज्ञ टीमों की मदद से पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। ऐतिहासिक स्मारक के भीतर और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने धमकी को फर्जी करार दिया।

जांच के बाद बम की धमकी निकली अफवाह

बम की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस ने इस धमकी को अफवाह करार दिया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी देने के पीछे क्या मकसद था और कॉल करने वाला व्यक्ति कौन है। मामले की जांच के लिए कॉल की तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों की भी पड़ताल की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी मिली हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी फर्जी धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और धमकी झूठी साबित हुई।

बीते साल लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ था IED विस्फोट

गौरतलब है कि यह धमकी लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पिछले साल हुए IID विस्फोट की घटना के बाद सामने आई है। 10 नवंबर 2025 को विस्फोटकों (IED) से लदी एक हुंडई i20 कार में धमाका हुआ था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज की थी और राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी। ऐसे में लाल किला को मिली ताजा बम की धमकी को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला और धमकी को अफवाह घोषित कर दिया गया।

हमले के आरोपी की पहचान और जांच में सामने आए तथ्य

लाल किला के पास हुए कार बम विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, हमले को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान उमर-उन-नबी के रूप में की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि वह पेशे से डॉक्टर था और घटना के समय कार वही चला रहा था। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि आरोपी फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था। वहीं, हमले वाले दिन राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान अमोनियम नाइट्रेट समेत लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद किए जाने की बात भी जांच एजेंसियों ने कही थी।

NIA दाखिल कर चुकी है 7,500 पन्नों की चार्जशीट

इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। जांच एजेंसी ने मई में करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी, जिसमें हमले से जुड़े घटनाक्रम, सबूत और आरोपियों की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण शामिल है। अब तक इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। जांच एजेंसी ने सभी आरोपियों पर उनकी कथित भूमिका के आधार पर अलग-अलग गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। मामले की सुनवाई न्यायालय में जारी है और जांच एजेंसी आगे भी नए साक्ष्य मिलने पर पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

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