प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील का असर अब दिल्ली सरकार के विभागों में भी दिखाई देने लगा है। PWD, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 11 बिंदुओं वाले नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इन विभागों के प्रभारी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह (Parvesh Sahib Singh) ने निर्देश दिया है कि अनावश्यक यात्राओं को कम करने के लिए जहां तक संभव हो वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता दी जाए।

नए निर्देशों के तहत इन तीनों विभागों के अधिकारी अब सप्ताह में एक दिन निजी कार का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने, आधिकारिक कार्यक्रमों में एक साथ यात्रा करने और ईंधन की बचत के लिए कार-पूलिंग अपनाने पर जोर दिया गया है। निर्देशों में विदेश यात्राओं से बचने और जरूरी बैठकों को डिजिटल माध्यम से आयोजित करने की सलाह भी दी गई है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से ईंधन की खपत कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और सरकारी खर्चों में भी बचत होगी।

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, ‘पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभागों में जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इन विभागों में इन नए निर्देशों का अच्छे से पालन किया जा रहा है और यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकल्प के तौर पर किया जा रहा है।” मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पेट्रोल-डीजल की बचत करना नहीं है, बल्कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से वर्चुअल मीटिंग्स, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की अपील की।

‘नो कार डे’ के रूप में एक दिन मनाया जाएगा

नए दिशा-निर्देशों के तहत अब सप्ताह में एक दिन ‘नो कार डे’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सीट शेयरिंग या कारपूलिंग का इस्तेमाल करना होगा। नई पॉलिसी के तहत Public Works Department (PWD), Delhi Jal Board (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यालय परिसरों में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग सिस्टम लगाने की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा गया है। अधिकारियों को सलाह दी गई है कि निरीक्षण, फील्ड विजिट और ऑफिस आने-जाने के दौरान जहां तक संभव हो, कारपूलिंग अपनाई जाए। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी, ट्रैफिक दबाव घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने वर्चुअल मीटिंग्स और डिजिटल कार्यप्रणाली को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि अनावश्यक यात्राओं को कम किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने जनता से क्या-क्या की अपील

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील का असर अब सरकारी तंत्र में भी दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। बुधवार को जब वह अपने आवास से कार्यालय के लिए निकले, तब उनके काफिले में केवल दो वाहन शामिल थे। प्रधानमंत्री की अपील के बाद कई वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी विभाग भी ईंधन बचत की दिशा में कदम उठा रहे हैं। दिल्ली सरकार के कई विभाग पहले ही ‘नो कार डे’, कारपूलिंग और वर्चुअल मीटिंग्स जैसे उपाय लागू कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में जारी युद्ध संकट को देखते हुए लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने अनावश्यक सोने की खरीद से बचने की सलाह भी दी है। प्रधानमंत्री ने ईंधन बचत के लिए मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहन, कारपूलिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इसके साथ ही पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे के अधिक इस्तेमाल की सलाह दी गई है, ताकि सड़क परिवहन पर निर्भरता कम हो और ईंधन की बचत हो सके।

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