दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए NDMC ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। परिषद ने अपने ग्रुप-बी और ग्रुप-सी कर्मचारियों में से लगभग एक-तिहाई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुमति दे दी है। एनडीएमसी का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना, सड़कों पर गैर-जरूरी वाहनों की संख्या घटाना और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देना है। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना निजी वाहन या सार्वजनिक परिवहन से दफ्तर आते हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। इस नई व्यवस्था के तहत संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों और ऑनलाइन माध्यम से कामकाज सुचारु रूप से चलता रहे। कर्मचारियों की उपस्थिति, फाइल मूवमेंट और बैठकें डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित की जाएंगी।

एनडीएमसी के डायरेक्टर (पर्सनल) कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्क फ्रॉम होम की यह व्यवस्था केवल उन्हीं विभागों में लागू होगी, जहां प्रशासनिक और कार्यात्मक रूप से इसकी अनुमति संभव है। आदेश में विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों की सूची तैयार करते समय उन कर्मियों को प्राथमिकता दें, जो दूर-दराज इलाकों से निजी वाहन के जरिए दफ्तर आते हैं। माना जा रहा है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, ईंधन की बचत होगी और राजधानी में प्रदूषण व ट्रैफिक दबाव घटाने में मदद मिलेगी।

विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के बावजूद कार्यालयी कामकाज प्रभावित न हो। इसके लिए कर्मचारियों के बीच जिम्मेदारियों का उचित बंटवारा करने और कार्यालय समय के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है। आदेश के मुताबिक, घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन, ईमेल और अन्य आधिकारिक डिजिटल संचार माध्यमों पर हर समय उपलब्ध रहना होगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल दफ्तर बुलाया जा सकता है, जिसके लिए कर्मचारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा वर्क फ्रॉम होम

वर्क फ्रॉम होम की यह व्यवस्था सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी। जिन सेवाओं का सीधा संबंध जनसुविधाओं और आपात संचालन से है, उन्हें इस नीति से बाहर रखा गया है। आदेश के अनुसार सफाई एवं जनस्वास्थ्य फील्ड स्टाफ, अस्पताल और डिस्पेंसरी के कर्मचारी, इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े कर्मी, बिजली और पानी आपूर्ति विभाग के कर्मचारी, फील्ड इंजीनियरिंग एवं मेंटेनेंस टीमें, प्रवर्तन और निरीक्षण स्टाफ, साथ ही कंट्रोल रूम और आपदा प्रतिक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की कार्यालय या फील्ड में उपस्थिति पहले की तरह अनिवार्य रहेगी।

इलेक्ट्रिक गाड़िया चलाने की अपील

एनडीएमसी ने अपने कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल की सलाह दी है। परिषद ने पेट्रोल और डीजल आधारित निजी वाहनों के उपयोग से बचने को कहा है, ताकि राजधानी में प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके। देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पालिका केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें फिजिकल मोड में ही जारी रहेंगी। हालांकि अन्य कार्यालयों के अधिकारी डिजिटल माध्यम से इन बैठकों में शामिल हो सकेंगे। विभागों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे गैर-जरूरी यात्रा और ईंधन खपत कम हो सके। इसके अलावा फील्ड निरीक्षण के लिए अधिकारियों को एनडीएमसी के निर्धारित वाहनों का उपयोग करना होगा। अधिकारियों को अपनी फील्ड विजिट की समय-सारिणी पहले से साझा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहनों का समुचित प्रबंधन हो और अनावश्यक आवाजाही को रोका जा सके।

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