अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए देश के युवाओं से बड़े आंदोलन की अपील की है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने कहा कि भारत में भी युवाओं को ‘जेन जी आंदोलन’ खड़ा करना चाहिए। केजरीवाल ने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने आंदोलन कर सरकार बदल दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत के युवा पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों और जिम्मेदार लोगों को जेल नहीं भेज सकते? उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और युवाओं में गहरा आक्रोश है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है।

अरविंद केजरीवाल ने देश में हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से अब तक देश में 93 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। केजरीवाल ने कहा कि सबसे अधिक पेपर लीक यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में हुए हैं, जहां भाजपा की सरकारें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में कहीं न कहीं राजनीतिक संरक्षण की भूमिका की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

पूर्व मुख्यमंत्री ने NEET पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच का केंद्र राजस्थान भी रहा है और जिन लोगों पर शक की सुई जा रही है, वे भाजपा से जुड़े नेता बताए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी उन लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकती जिनके प्रभाव में वह काम करती है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यदि पेपर लीक के पीछे राजनीतिक संरक्षण या नेताओं की भूमिका है, तो जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्रवाई नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर डाला है और पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि यदि नेपाल और बांग्लादेश में युवा पीढ़ी (Gen Z) अपनी सरकारों को बदल सकती है, तो भारत के युवा भी पेपर लीक करने वालों के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं। केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, “मेरा जेन जी से सीधा-सीधा पूछना है कि क्या ऐसा ही चलता रहेगा या कुछ करना है? अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन जी सरकार बदल सकता है, तो हमारे देश का जेन जी पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों को जेल क्यों नहीं भेज सकता?”

उन्होंने दावा किया कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। केजरीवाल ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि देश को बचाने और व्यवस्था बदलने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी की है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई नेता अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाते हैं, जबकि आम युवाओं को यहां संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि वे और आम लोग इसी देश में रहते हैं, इसलिए उन्हें देश की व्यवस्था सुधारनी होगी।

टॉप तक पहुंच रहा पैसा, सड़कों पर उतरिए

अरविंद केजरीवाल आरोप लगाया कि इस पूरे “घिनौने खेल” से जुड़ा पैसा सिस्टम के सबसे ऊपरी स्तर तक पहुंच रहा है और इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। केजरीवाल ने कहा कि जब लोग केवल “सिस्टम फेल” होने की बात करते हैं, तो वे अनजाने में उन लोगों को बचा लेते हैं जो इस पूरे नेटवर्क के पीछे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में केवल सिस्टम नहीं, बल्कि कुछ खास लोग और नेता जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “जब साल दर साल पेपर लीक हो रहे हैं, तो पैसा सबसे टॉप तक पहुंच रहा है। जब आप सिस्टम की बात करते हैं, तो आप उस टॉप को बचा रहे होते हैं।”

केजरीवाल ने आगे कहा कि इस तरह के मामलों में केवल सामान्य व्यवस्था को दोष देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीधे जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को जेल भेजना चाहिए और इसके खिलाफ सख्त आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चुप रहना समाधान नहीं है और इसे खत्म करने के लिए जनदबाव बनाना जरूरी है। उनके अनुसार, यह समस्या केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि “जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत” का परिणाम है।

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