Tibet Another Lake Bursts: प्राकृतिक आपदा का दंश झेल रहे नेपाल के लिए एक बार फिर बुरी खबर सामने आई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी एक और झील फट गई है। यह झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। चीन ने इसके फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई थी। झील फटने के बाद नदी में पानी का स्तर बढ़ने लगा है। झील के फटने के बाद रास्ते में आने वाले सभी गांवों को खाली कराया जा रहा है। वहीं पूरे देश में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे पर बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है। नेपाल के लिए अगले 60 से 90 मिनट काफी अहम माना जा रहा है।
इधर खतरे की वजह से के रसुवा जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन 90 मिनट के लिए रोक दिया गया है। लोगों और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए नेपाल के लिए अगला 60 से 90 मिनट बेहद अहम माना जा रहा है।
चीन के सिचुआन प्रांत में आज शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे के करीब 5.1 की तीव्रता का तेज भूकंप आया। इस भूकंप की वजह से चीन की शुओकेन नदी और पोइक त्सांगपो नदी के संगम पर बनी एक बड़ी झील फूट गई। तिब्बत में बाढ़ के बाद बनी बैरियर झील टूट गई है। इससे भोटे कोशी नदी के जरिए नेपाल की ओर एक और जोरदार बहाव आने का खतरा मंडराने लगा है। इससे एक बार फिर नेपाल पर भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों ने भोटे कोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। इस झील को लेकर चीन ने पहले ही नेपाल को चेताया था।

झील में 25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी
बांध को लेकर चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने शुक्रवार को बताया कि झील का पानी उसके किनारे से बाहर निकलना शुरू हो गया है। इसके बाद नदी का जलस्तर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। चीन की ओर से किए गए सर्वे में पता चला है कि झील में अब करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी जमा हो चुका है। एक दिन पहले चीनी इंजीनियरिंग टीम ने इसमें करीब 15 से 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी होने का अनुमान लगाया था। यानी थोड़े ही समय में जलस्तर और पानी की मात्रा में काफी बढ़ोतरी हुई है। चीन ने पहले अनुमान लगाया था कि अगले तीन दिनों में करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी इस झील में पहुंच सकता है। यह करीब 1,200 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल के बराबर पानी है।

26 अगस्त को आए नेपाल फ्लैश फ्लड में अबतक 475 की मौत, 1600 लापता
बता देें कि चीन (तिब्बत)-नेपाल सीमा पर 26 अगस्त की सुबह आई फ्लैश फ्लड के 72 घंटे (तीन दिन) हो चुका है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण आई भयानक अचानक बाढ़ और मलबे के भारी बहाव ने रसुवा (Rasuwa) समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। हालांकि तीन दिन बाद नदी की गर्जना शांत हो गई। नदी के शांत होने के बाद हर तरफ सिर्फ तबाही और मलबा का अंबार दिख रहा है। इन मलबों में अब जिंदगी और शव की तलाश जारी है। बाढ़ के तीन दिन बाद भी मलबे से शव मिलने का सिलसिला जारी है। अब तक 475 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 1600 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।
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