संजय विश्वकर्मा, उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा वन परिक्षेत्र के ग्राम खेरवा टोला में एक बाघ ने घर में घुसकर महिला को शिकार बना लिया। यही नहीं महिला की चीख-पुकार सुनकर जब परिजन एकत्र हुए तो बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिसमें 3 लोग घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस अमला घटनास्थल पहुंचा। जहां आक्रोशित भीड़ ने अमले पर लाठियों से हमला कर दिया। हमले के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर मामला शांत कराया। जिसके बाद वन अमले ने अपना काम शुरू किया और बाघ को ट्रैंकुलाइट किया, लेकिन बेहोशी का इंजेक्शन लगने के बाद बाघ की मौत हो गई।
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मामले की जानकारी देते हुए उमरिया के प्रभारी कलेक्टर अभय सिंह ओहरिया ने बताया कि बीति रात खेरवा टोला में गुल्ला पाल नाम के ग्रामीण के घर बाघ घुस आया था। बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि 3 लोग घायल हो गए। हमले में बुल्ला पाल, दसईया पाल और एक अन्य घायल हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मृतक के परिजनों को 25 लाख रूपए सहायता राशि देने का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया है। अभय सिंह ने आगे बताया कि बाघ का रेस्क्यू किया गया है।

उमरिया के अनुविभागीय अधिकारी पीएल सिंह बताया कि देर रात यह जानकारी प्राप्त हुई थी कि खेरवा टोला में बाघ ने हमला किया है। हादसे में महिला की मौत हुई है। पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची तो दोबारा बाघ वहां आ पहुंचा। घटना के दौरान ग्रामीण काफी आक्रोशित हो गए और वाद-विवाद की स्थिति भी बन गई। जिसके बाद आस-पास के सभी थानों से पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया।

पीएल सिंह ने बताया कि हालात काबू में आने के बाद बाघ का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी हालात पूरे नियंत्रण में है। जिनके द्वारा सरकारी वाहनों में तोड़-फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट की गई है उनकी पहचान की जा रही है। पहचान होते ही उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।

फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि 24 मई की सुबह बाघ ने हमला किया है। फारेस्ट डिपार्टमेंट के द्वारा बाघ को पकड़ने के लिए विशेष टीम बुलाई गई थी। टीम ने छत पर चढ़कर बाघ का मूवमेंट ऑब्जर्व किया। जिसके बाद बाघ को ट्रैंकुलाइज कर डॉटिंग की गई। ट्रैंकुलाइज करने के बाद बाघ में कोई हलचल महसूस नहीं की गई। जांच करने पर पाया गया कि बाघ की मौत हो गई है।
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उन्होंने बताया कि डॉटिंग करने के दौरान अक्सर यह होता है कि बाघ अपनी मौजूदा स्थिति से हिलता-डुलता रहता है लेकिन डॉटिंग के बाद बाघ के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। डॉटिंग के दौरान ना तो बाघ अपने स्थान से ना हिला है और ना ही उसने अपना स्थान बदला। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बाघ की मौत हो चुकी है। मृत बाघ के सैंपल लिए गए हैं जांच के बाद ही बाघ के मौत की असल कारणों का पता चल पाएगा।


