Dharm Desk – ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सोमवार के दिन विशेष आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व लेकर आई हैं. आज एक ओर जहां श्रद्धालु भगवान शिव के प्रिय सोमवार व्रत का पालन कर रहे हैं, वहीं गंगा दशहरा का पुण्य पर्व भी पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जा रहा है. इसके साथ ही भीषण गर्मी के प्रतीक नौतपा का पहला दिन भी आज से प्रारंभ हो गया है. जिससे दिन का महत्व और अधिक बढ़ गया है.

सोमवार व्रत: शिव कृपा पाने का श्रेष्ठ अवसर
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. सच्चे मन से किया गया सोमवार व्रत जीवन के कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करता है. आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि पूरे दिन रवि योग और अभिजीत मुहूर्त जैसे शुभ संयोग बने हुए है.
गंगा दशहरा: पापों के नाश का महापर्व
ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा दशहरा मनाने की परंपरा है. ब्रह्मपुराण के अनुसार, इसी दिन देवी गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है. जो लोग गंगा तट तक नहीं जा सकते, वे घर पर गंगाजल से स्नान या पूजन कर भी पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते है. इस वर्ष यह पर्व पुरुषोत्तम मास में पड़ने से और भी अधिक फल देने वाला हो गया है.
नौतपा की शुरुआत: तपेगी धरती, बदलेगा मौसम
आज से नौतपा का पहला दिन शुरू हो गया है, जो आने वाले 9 दिनों तक तीव्र गर्मी का संकेत देता है. ज्योतिष और मौसम विज्ञान के अनुसार इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती है. जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि होती है. उसके साथी इसका धार्मिक महत्व भी है नौ दिनों में जल, जल से संबंधित तरल चीजों का दान करने का विशेष महत्व बताया गया है.

