शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आज सुबह की तीन बड़ी और अहम खबरें सामने आ रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने जहां शिक्षकों के लिए ट्रांसफर का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है, वहीं हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मामले में जेल प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज संगठन और आम जनता के साथ अहम बैठकें करेंगे। पढ़िए आज सुबह की बड़ी खबरें:
मुख्यमंत्री मोहन यादव का आज का दिन ‘रिजर्व’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज का अपना पूरा शेड्यूल आरक्षित (Reserve) रखा है। वे आज किसी बाहरी दौरे पर जाने के बजाय राजधानी भोपाल में ही मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री आज अपने आवास पर आम जनता और प्रबुद्ध जनों से भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इसके साथ ही आगामी रणनीतियों को लेकर वे संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ वन-टू-वन चर्चा और महत्वपूर्ण बैठक भी करेंगे।
शिक्षकों के तबादले की नई गाइडलाइन जारी, 8 जून से प्रक्रिया शुरू
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर नई गाइडलाइन और पूरी टाइमलाइन जारी कर दी है। प्रदेश में 8 जून से ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। विभाग के मुताबिक तबादले पहले प्रशासनिक स्तर पर किए जाएंगे, जिसके बाद शिक्षकों को स्वैच्छिक आधार पर मौका मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन की समयसारणी कुछ इस प्रकार रहेगी:
8 से 15 जून: प्रशासनिक प्रस्ताव का पंजीयन।
8 से 17 जून: जिला, संभाग एवं राज्य कॉडर के प्रशासनिक प्रस्तावों का पंजीयन।
18 जून: पोर्टल पर खाली पदों का प्रदर्शन।
19 से 23 जून: स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन।
24 से 26 जून: डाटा प्रोसेसिंग और प्रशासकीय अनुमोदन।
28 से 30 जून: ऑनलाइन ट्रांसफर ऑर्डर जारी होना।
30 जून से 6 जुलाई: भारमुक्ति (Relieving) और ज्वाइनिंग की प्रक्रिया।
भोपाल सेंट्रल जेल में गिरिबाला और समर्थ सिंह पर 12 प्रहरियों का पहरा
हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मामले में भोपाल सेंट्रल जेल से बड़ा अपडेट है। जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की निगरानी बेहद सख्त कर दी है। दोनों की सुरक्षा में एक दर्जन से ज्यादा जेल प्रहरी तैनात किए गए हैं और बैरकों के बाहर अतिरिक्त सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं।
आरोपी समर्थ सिंह को सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया है, जहां 5 जेल प्रहरी उस पर विशेष नजर रख रहे हैं। वहीं गिरिबाला सिंह की निगरानी के लिए 7 महिला प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा बढ़ाने की मुख्य वजह यह भी है कि गिरिबाला सिंह द्वारा पूर्व में दी गई सजा या मामलों से जुड़े करीब 29 कैदी इसी जेल में बंद हैं।

