Dharm Desk – अगर लगातार मेहनत के बाद भी व्यवसाय में भारी नुकसान हो रहा है या नौकरी में बार-बार अड़चनें आ रही हैं। तो कुछ सरल धार्मिक उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं। बड़ी बात यह है कि इन उपायों को रोजाना करने पर मात्र 11 दिनों में सकारात्मक संकेत मिलने लगते हैं। भारतीय परंपरा में ऐसे बहुत से उपाय बताए गए हैं, जिनसे न केवल आर्थिक स्थिति सुधरती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि का वास भी होता है।

तुलसी और गेहूं का प्रयोग
चक्की पर गेहूं पिसवाने जाते टाइम उसमें तुलसी के 11 पत्ते डालना बहुत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही एक लाल कपड़े की थैली में थोड़ी सी मात्रा में गेहूं और केसर के दो धागे रखकर मंदिर में चढ़ाने के बाद इसे पिसवाने वाले अनाज में मिला दें। माना जाता है कि ऐसा करने से धन में वृद्धि होती है और घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि आटा सिर्फ सोमवार या शनिवार को ही पिसवाना चाहिए।
घर और संपत्ति के लिए
जिन लोगों को लंबे समय से अपना घर बनवाने में परेशानी आ रही है या संपत्ति से जुड़े कोई कार्य अटके हुए हैं।उनके लिए भी सरल उपाय बताए गए हैं। हर शुक्रवार किसी जरूरतमंद या भूखे व्यक्ति को भोजन कराना बहुत पुण्य दाई माना जाता है। इसके साथ ही इतवार को गाय को गुड़ खिलाने से भी विशेष लाभ मिलता है। इन उपायों को रोजाना करने से अचल संपत्ति के योग बनने लगते हैं और पैतृक संपत्ति मिलने के रास्ते भी खुल जाते हैं।
मंत्र जाप से बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा
सुबह नहाने के बाद ध्यान करते समय विशेष मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति के साथ-साथ कार्यों में सफलता मिलने लगती है। “ओम पद्मावती पद्म कुशी वज्रवज्रांपुशी प्रतिब भवंति भवंति।।” इस मंत्र का रोजाना जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में स्थिरता आती है।
रुका हुआ धन वापस पाने का उपाय
यदि आपने किसी को उधर रुपए दिए हैं और वह रुपए वापस नहीं मिल रहे हैं तो एक खास उपाय करने से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बढ़ती है. 21 सफेद चित कबरी कौड़ियों को पीसकर उनका चूर्ण उस इंसान के घर के सामने 43 दिनों तक बिखेरें। यह उपाय लगातार करने से रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बढ जाती है।
व्यवसाय मैं सफलता के लिए
अगर बिजनेस में लगातार गिरावट हो रही हो तो शनिवार के दिन पीपल के पेड़ से एक पत्ता लाकर उसे धूप-बत्ती दिखाएं और अपनी दुकान की गद्दी के नीचे रख दें। यह प्रक्रिया सात शनिवार तक करें। जब सात पत्ते इकट्ठे हो जाएं तो उन्हें किसी तालाब या कुएं में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से व्यापार में तेजी आने लगती है और रुके हुए काम भी चलने लगते हैं।


