संजय पाटीदार, भोपाल। राजधानी के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े खुलासे किए हैं। कमिश्नर ने साफ किया कि पुलिस इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष जांच कर रही है और लापरवाही का कोई सवाल ही नहीं उठता। वहीं, देर रात जबलपुर से भोपाल लाए गए मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को जेपी अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद जिला कोर्ट में पेश कर दिया गया है, जहां पुलिस उसकी 7 दिनों की रिमांड की मांग कर रही है।
जबलपुर सरेंडर करने पहुंचा था समर्थ, पुलिस ने दबोचा
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि आरोपी समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में था, लेकिन भोपाल पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे वहां धर दबोचा। आरोपी पिछले 10 दिनों से फरार चल रहा था। कमिश्नर ने सख्त लहजे में कहा, “समर्थ 10 दिनों तक जहां-जहां भी छिपा था, उसकी जांच की जा रही है। यदि किसी ने भी उसे शरण दी होगी या मदद की होगी, तो उस पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से भी तालमेल बिठाकर काम कर रही है।
अग्रिम जमानत रद्द कराने कोर्ट पहुंची पुलिस
मामले की सह-आरोपी गिरिबाला सिंह भी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, गिरिबाला सिंह को पूछताछ के लिए अब तक 3 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वे जांच में सहयोग करने के लिए पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हुई हैं। उनकी इस बेरुखी को देखते हुए पुलिस ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए कोर्ट में आवेदन दे दिया है। उनसे भी जल्द ही सख्ती से पूछताछ की जाएगी।
पुलिस पर आरोप निराधार
मृतका के परिजनों द्वारा पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि भोपाल पुलिस ने शुरुआत से ही इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की है। हमारी तरफ से कार्रवाई में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शनिवार दोपहर को आरोपी समर्थ सिंह को कटारा हिल्स थाने से भारी सुरक्षा के बीच जेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद पुलिस उसे जिला कोर्ट लेकर पहुंची है।

