प्रदीप मालवीय, उज्जैन। गणेश चतुर्थी के मौके पर उज्जैन के प्राचीन चिंतामण गणेश मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है। दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान चिंतामण गणेश के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। कोई फूल लेकर तो कोई प्रसाद और दुर्वा चढ़ाकर भगवान का आशीर्वाद ले रहा है। वहीं कोई घर पर विराजित करने वाले गणेश जी की प्रतिमाए लेकर पहुंच रहे है।

मान्यता है कि चिंतामण गणेश मंदिर में एक ही प्रतिमा में गणेश जी के तीन स्वरूप विराजमान हैं। जहां भगवान चिंतामण गणेश को चिंता दूर करने वाला, सिद्धिविनायक को कार्य सिद्ध करने वाला और इच्छामन गणेश को मनोकामनाएं पूरी करने वाला माना जाता है। मंदिर के पुजारी गणेश गुरु के मुताबिक, इस मंदिर का संबंध रामायण काल से भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने यहां भगवान गणेश की पूजा की थी। इसके बाद से ही भगवान को चिंतामण गणेश के नाम से जाना जाने लगा।

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गणेश चतुर्थी के मौके पर सुबह अभिषेक, पंचामृत पूजन और विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान को 1 लाख 25 हजार लड्डुओं का भोग लगाया गया। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। खास बात ये है कि गणेश चतुर्थी पर सिर्फ उज्जैन ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। उत्तर प्रदेश और पुणे, हैदराबाद से आए भक्तों ने मंदिर में दर्शन कर भगवान से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। गणेश चतुर्थी के इस पर्व पर पूरा चिंतामण गणेश मंदिर गणपति भक्ति में डूबा नजर आया है और आने वाले दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहने की उम्मीद है।

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