देहरादून. अंकिता भंडारी के माता-पिता को राजघाट से घसीटकर हटाए जाने को लेकर नेता विपक्ष यशपाल आर्य का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि शर्मनाक! क्या एक पीड़ित मां की जान लेकर ही दम लेगी यह अंधी और बहरी व्यवस्था? अंकिता भंडारी के बुजुर्ग माता-पिता जब राजघाट पर इंसाफ के लिए मौन व्रत पर बैठे, तो दिल्ली पुलिस ने अपराधियों की तरह उन्हें घसीटकर हिरासत में ले लिया. इस पुलिसिया क्रूरता के सदमे से अंकिता की बुजुर्ग मां वहीं बेहोश हो गईं!
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आगे उन्होंने कहा कि यह लापरवाही नहीं, सोची-समझी क्रूरता है! पास में ही LNJP और जीबी पंत अस्पताल थे, लेकिन कैमरों से सच छिपाने के लिए पुलिस उन्हें 2 घंटे के जानलेवा ट्रैफिक जाम में दूर बुराड़ी अस्पताल ले गई. अगर रास्ते में कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो इस हत्यारी लापरवाही का जिम्मेदार कौन होता? कैसी व्यवस्था है और किस तरह के बेईमान लोग सरकार में बैठे हैं? जिनका जमीर और दीन-ईमान पूरी तरह मर चुका है!
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आगे यशपाल आर्य ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के पास दुनिया भर के लोगों से मिलने का समय है, लेकिन अपनी ही बेटी के न्याय के लिए तड़प रहे इन बेबस मां-बाप से मिलने की फुर्सत नहीं है! धामी सरकार से लेकर केंद्र मोदी सरकार ने तक, सबने सिर्फ धोखा दिया है. इस अमानवीय कृत्य के जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो! इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि सत्ता के नशे में चूर इन हुक्मरानों तक इस मां-बाप की चीखें पहुंचे!

