देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उनके विचार और सुझाव सुने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की. विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के 1400 से अधिक विद्यार्थियों प्रतिभाग किया.
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प देश के सामने रखा है. इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है. उन्होंने कहा युवाओं के पास नया विजन है, आउट-ऑफ-द-बॉक्स थिंकिंग है और सबसे बड़ी बात कुछ कर गुजरने का जुनून है.
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उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से मिलने का अवसर मिलता है, तो वो युवाओं से अवश्य संवाद करते हैं. युवाओं के विचार सुनकर महसूस होता है कि देश का युवा बहुत जागरूक है, युवाओं को हर विषय की गहरी समझ है. उन्होंने कहा हाल ही में सरकार ने युवाओं से “मेरे सपनों के उत्तराखण्ड” को लेकर सुझाव मांगे थे. इन सुझावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने राज्य के अलग-अलग विषयों को लेकर बहुत अच्छे सुझाव दिए. युवाओं के विचारों को पढ़कर उनका विश्वास और मजबूत हो गया है कि उत्तराखण्ड का भविष्य बेहद ही सुरक्षित और सक्षम हाथों में है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने छोटे नहीं हैं. उन्होंने आज की पीढ़ी सपने देखने के साथ उन सपनों को पूरा करने का भी साहस रखती है. विकसित उत्तराखण्ड और विकसित भारत में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है. युवाओं में वो क्षमता है कि जो दुनिया के किसी भी बड़े मंच पर जाकर अपने प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं.
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मुख्यमंत्री ने कहा जब से उन्हें “मुख्य सेवक” के रूप में काम करने का अवसर मिला, उनका यह संकल्प रहा है कि उत्तराखण्ड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटना चाहिए. उन्होंने कहा राज्य सरकार, वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है. शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एन.सीई.आर।टी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है. विद्यार्थी विज्ञान और नई तकनीक से भी अवगत हो, इसके लिए देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है. प्रदेश में स्टेम लैब्स, साइंस और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों औऱ बाल विज्ञान कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा जॉब सीकर के साथ जॉब क्रिएटर बनने का सपना देखें. जिसके लिए प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक और डिमांड-बेस्ड स्किल्स से जोड़ने का प्रयास जारी है. युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और अपना पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो, इसके लिए प्रदेश में लगातार औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं. खेल के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल नीतियां तैयार कर बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्लेटफॉर्म दे सकती है, लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ और सिर्फ युवाओं के अपने हाथों में है. मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सभी युवा खूब मेहनत करें, खूब पढ़ाई करें और सबसे बढ़कर अपने आप पर विश्वास रखें. उन्होंने कहा कोई भी लक्ष्य युवाओं के लिए बड़ा नहीं है, और युवा अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प लेकर किसी भी कार्य में सफलता ले सकते हैं.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में नशा, बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ा है. मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने की भी बात कही. उन्होंने कहा स्वयं के साथ अपने दोस्तों, साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की इस विकास यात्रा के युवा असली कर्णधार हैं युवाओं की सोच और मेहनत ही देवभूमि को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी. राज्य सरकार युवाओं की प्रतिभा को नए अवसर देने और रास्ते को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी.



