देहरादून. देश की राजधानी में नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप को लेकर नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है और बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में एक नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म होता है, उसकी निर्मम हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया जाता है. इससे अधिक भयावह कानून व्यवस्था की विफलता और क्या होगी? भाजपा सरकार बताए, आखिर दिल्ली में बेटियां सुरक्षित कहां हैं?
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आगे यशपाल आर्य ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है. फिर राजधानी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? महिला सुरक्षा के बड़े बड़े दावों के बीच जमीन पर बेटियों को भय और दरिंदगी का सामना क्यों करना पड़ रहा है? सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकती. दिल्ली कोई अपराधियों की शरणस्थली नहीं है.
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यशपाल आर्य ने ये भी कहा कि इस जघन्य अपराध में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो और कानून व्यवस्था में हुई हर चूक की जवाबदेही तय की जाए. बेटियों की सुरक्षा कोई नारा नहीं, सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है. भाजपा सरकार को इसका जवाब देना ही होगा.



