पश्चिम बंगाल में रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। रेजीनगर से ममता बनर्जी गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार सुबह चुनाव से हटने का ऐलान किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद अपना फैसला बदल दिया। ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि वह चुनाव मैदान में बने रहेंगे।

नए चुनाव चिन्ह को लेकर नाराजगी

रबीउल आलम चौधरी ने सुबह चुनाव से हटने की घोषणा के दौरान पार्टी को पुराने ‘जोड़ा घासफूल’ चुनाव चिन्ह के बजाय नया ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल मिलने को प्रमुख वजह बताया था। हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व से बातचीत के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया और चुनाव लड़ने की बात कही।

नंदीग्राम में भी उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

इससे एक दिन पहले नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया था। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होनी है।

TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद

दरअसल, TMC के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी कर ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिन्ह को दोनों गुटों के लिए फ्रीज कर दिया। इसके बाद ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह दिया गया।

ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट

चुनाव आयोग के इस फैसले को ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में मूल TMC नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के आयोग के अंतरिम फैसले को चुनौती दी गई है। अब रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव के साथ-साथ TMC के नाम और चुनाव चिन्ह की कानूनी लड़ाई पर भी नजर रहेगी।

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