देहरादून. दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि दुष्यंत कुमार गौतम को उत्तराखंड से सेफ पैसेज देकर सम्मानपूर्वक भेजना और उसके बाद राज्यपाल बना देना, भाजपा सरकार द्वारा उत्तराखंड के जनमानस की भावनाओं का घोर अपमान है.
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गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने इस निर्णय से उत्तराखंड की जनता के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है. इससे स्पष्ट है कि उन्हें प्रदेश की जनता की भावनाओं की कोई कद्र नहीं है. अंकिता भंडारी के माता-पिता ने जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की मांग की थी, उन्हें राज्यपाल बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है.
उन्होंने ये भी कहा कि इसी निर्णय के विरोध में आज मैंने गांधी पार्क स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष एक घंटे का मौन उपवास कर सांकेतिक प्रतिरोध दर्ज करना तय किया है. आगे वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा. उत्तराखंड की अस्मिता को अक्षुण्ण रखने और प्रदेश की आवाज़ को बुलंद करने के लिए कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा.
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क्या है पूरा मामला
19 वर्षीय अंकिता 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई थी. वह ऋषिकेश के निकट वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी. पांच दिन बाद 24 सितंबर को ऋषिकेश के नजदीक चिल्ला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया था. मामले में पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार किया था.

