देहरादून. दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने को लेकर नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बेशर्म सरकार, अंकिता भंडारी के माता-पिता जिस वीआईपी का नाम लेकर अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं, भाजपा सरकार ने उसी व्यक्ति को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठा दिया.

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आगे यशपाल आर्य ने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ती और नामजद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती, लेकिन भाजपा सरकार ने तो उन्हें राज्यपाल ही बना दिया. यह निर्णय पूरे उत्तराखंड की जनता का अपमान है, क्योंकि आज पूरा प्रदेश अपनी बेटी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है.

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क्या है पूरा मामला

19 वर्षीय अंकिता 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई थी. वह ऋषिकेश के निकट वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी. पांच दिन बाद 24 सितंबर को ऋषिकेश के नजदीक चिल्ला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया था. मामले में पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार किया था.