देहरादून। लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर अब लगभग सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही का रास्ता साफ हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने इस मार्ग से जुड़े आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर बनी सभी भ्रम की स्थिति स्पष्ट करते हुए विभिन्न श्रेणी के वाहनों के संचालन की अनुमति दे दी है।

ट्रैक्टर और निर्माण सामग्री वाहनों का संचालन शुरू

सांसद अनिल बलूनी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) द्वारा लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर उत्पन्न की जा रही सभी भ्रमों को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है।

सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने आज इस मार्ग पर सवारी गाड़ियों, सरकारी बसों, गढ़वाल मोटर ओनर यूनियन (GMOU) द्वारा संचालित बसों, स्कूल बसों, किसानों के ट्रैक्टर एवं भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों के पूर्ण संचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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आम जनता के लिए बड़ी राहत

अनिल बलूनी ने आगे कहा कि यह निर्णय क्षेत्र की जनता, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों तथा आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। लंबे समय से इस विषय मे किये गये प्रयासों को आज सार्थकता प्राप्त हुई है।

इस जनहितकारी निर्णय के लिए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी एवं सभी संबंधित अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई।