Umar Khalid Book in Pune IISER Library: केंद्र सरकार की लाइब्रेरी में उमर खालिद की किताब होने पर बवाल मच गया है। विवाद होने के बाद आनन-फानन में लाइब्रेरी से दिल्ली दंगा के आरोपी उमर खालिद की किताब को हटाकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की गई। मामला पुणे स्थित केंद्र सरकार के IISER लाइब्रेरी का है। लाइब्रेरी में उमर खालिद की Ph.D रिसर्च पर आधारित किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज़’ मिलने पर विवाद खड़ा हो गया। आपत्ति के बाद इसे लाइब्रेरी से हटा लिया गया है।

दरअसल पुणे का IISER केंद्र सरकार का साइंस एजुकेशन और रिसर्च इंस्टिट्यूट है। य़हां के श्रीनिवास रामानुजन लाइब्रेरी में उमर खालिद की Ph.D रिसर्च पर आधारित किताब को रखा गया था। इस किताब का नाम ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज़: आदिवासी हिस्ट्रीज़ एंड द पॉलिटिक्स ऑफ पावर’ है।

दंगाई उमर खालिद की यह किताब किताब झारखंड के सिंहभूम इलाके में आदिवासी समुदाय के इतिहास, ब्रिटिश काल के एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम और आदिवासी समुदायों के बीच पावर रिलेशन की स्टडी करती है। उमर खालिद ने यह थीसिस साल 2018 में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में सबमिट की थी और उन्हें साल 2019 में Ph.D की डिग्री मिली थी।

JNU में उठी उमर खालिद की रिहाई की मांग

बता दें कि एक दिन पहले रही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में ‘उमर खालिद को रिहा करो’ और ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे जाने को लेकर जमकर बवाल हुआ था। वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नारे लिखे थे। इसे लेकर ABVP ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा ने भी दावा किया कि वीडी सावरकर के चित्र के पास आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गईं।

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