Business Desk – Under-Construction Property : घर या प्रॉपर्टी खरीदना हर व्यक्ति के लिए बड़ा आर्थिक फैसला होता है। ऐसे में किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले उसकी कीमत के साथ-साथ कानूनी स्थिति, बिल्डर का रिकॉर्ड, निर्माण की स्थिति और भविष्य के खर्चों को समझना जरूरी है। खासकर Under-Construction Property खरीदते समय खरीदार को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी अक्सर तैयार मकान या फ्लैट की तुलना में शुरुआती चरण में कम कीमत पर मिल सकती है। इसके अलावा खरीदार को फ्लोर, फ्लैट का लेआउट और पेमेंट प्लान चुनने के अधिक विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, निर्माण में देरी, लागत बढ़ने और प्रोजेक्ट से जुड़ी दूसरी परेशानियों का जोखिम भी रहता है। इसलिए बुकिंग से पहले इन 5 बातों की जांच जरूर करें।

  1. प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर्ड है या नहीं

अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे पहले यह पता करें कि संबंधित प्रोजेक्ट राज्य के RERA (Real Estate Regulatory Authority) के तहत रजिस्टर्ड है या नहीं। केवल बिल्डर की वेबसाइट, ब्रोशर या सेल्स टीम की जानकारी पर निर्भर न रहें। राज्य की आधिकारिक RERA वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट का RERA Registration Number, मंजूर किए गए प्लान और निर्माण पूरा होने की निर्धारित समयसीमा की जांच करें।

RERA पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से खरीदार को प्रोजेक्ट की स्थिति और बिल्डर की ओर से दी जा रही जानकारी का मिलान करने में मदद मिल सकती है। किसी भी तरह की शंका होने पर दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच कराना बेहतर है।

  1. बिल्डर का पुराना रिकॉर्ड जरूर देखें

किसी प्रोजेक्ट का आकर्षक ब्रोशर और 3D डिजाइन देखकर बिल्डर की क्षमता का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इसलिए बिल्डर के पहले के प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी जुटाएं। देखें कि पुराने प्रोजेक्ट समय पर पूरे हुए थे या नहीं और वहां निर्माण की गुणवत्ता कैसी रही।

अगर संभव हो तो पहले से रह रहे खरीदारों या निवासियों से बातचीत करें। उनसे निर्माण की गुणवत्ता, सुविधाओं, पजेशन और पजेशन के बाद बिल्डर की सेवाओं के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि पुराना रिकॉर्ड भविष्य की गारंटी नहीं है, लेकिन इससे बिल्डर के काम करने के तरीके का अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है।

  1. सिर्फ फ्लैट की कीमत नहीं, पूरा खर्च समझें

अंडर-कंस्ट्रक्शन घर खरीदते समय केवल Base Price देखकर बजट तय न करें। फ्लैट की कीमत के अलावा फ्लोर राइज चार्ज, पार्किंग शुल्क, क्लब या अन्य सुविधाओं का शुल्क, मेंटेनेंस डिपॉजिट और लागू टैक्स जैसे खर्च भी हो सकते हैं।

इसके अलावा Stamp Duty और Registration Charges का खर्च भी ध्यान में रखें। घर का पजेशन मिलने के बाद इंटीरियर, फर्नीचर, बिजली के उपकरण और अन्य जरूरी सामान पर भी बड़ी रकम खर्च हो सकती है। इसलिए बुकिंग से पहले बिल्डर से सभी शुल्कों की लिखित जानकारी लेकर कुल लागत यानी Total Cost of Ownership समझना जरूरी है।

  1. पजेशन में देरी का जोखिम समझें

अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में सबसे बड़ा जोखिम निर्माण पूरा होने में देरी का हो सकता है। अगर तय समय पर फ्लैट नहीं मिलता है तो खरीदार को अतिरिक्त किराया या दूसरे खर्च उठाने पड़ सकते हैं। इसलिए Builder-Buyer Agreement को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

इसमें पजेशन की निर्धारित तारीख, पेमेंट शेड्यूल, निर्माण से जुड़ी शर्तें और देरी की स्थिति में खरीदार के अधिकारों से संबंधित प्रावधानों को समझें। किसी भी ऐसे दस्तावेज पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर न करें जिसकी शर्तें आपको स्पष्ट नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र कानूनी सलाह भी ली जा सकती है।

  1. प्रॉपर्टी की लोकेशन और भविष्य की संभावनाएं देखें

प्रॉपर्टी खरीदते समय केवल फ्लैट या घर की डिजाइन न देखें, बल्कि उसकी Location को भी अच्छी तरह जांचें। जिस इलाके में प्रोजेक्ट बन रहा है, वहां अलग-अलग समय पर जाकर आसपास का माहौल देखें। सड़क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्कूल, अस्पताल, बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों की सुविधाएं कितनी दूर हैं, इसका जायजा लें।

इसके साथ यह भी पता करें कि भविष्य में इलाके में कौन-कौन से Infrastructure Projects प्रस्तावित हैं। नई सड़क, मेट्रो, रेलवे कनेक्टिविटी या अन्य विकास परियोजनाएं भविष्य में इलाके की कनेक्टिविटी और प्रॉपर्टी की मांग को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि किसी भी प्रस्तावित परियोजना को पक्का मानने से पहले उसकी आधिकारिक स्थिति जरूर जांचें।

बुकिंग से पहले इन बातों की जरूर करें जांच

अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदना सही खरीदार के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन इसमें जल्दबाजी करना नुकसानदायक हो सकता है। RERA Registration, Builder History, Total Cost, Possession Timeline और Location की जांच करने के बाद ही फैसला लेना बेहतर है।

सबसे जरूरी बात यह है कि केवल सेल्स टीम के मौखिक वादों पर भरोसा न करें। जो भी कीमत, सुविधा, पजेशन तारीख या दूसरी शर्तें बताई जा रही हैं, उन्हें संबंधित दस्तावेजों और एग्रीमेंट में लिखित रूप से जरूर देखें। इससे भविष्य में होने वाली कई संभावित परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।