अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बिहार के सासाराम जिले से दो ऐसी अद्भुत तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ जहां जीविका चलाने के लिए ठेला चलाने वाले एक शख्स ने अपनी अनोखी कला से पीएम को बधाई दी, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक के कानून के खात्मे का आभार जताते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की।
महिलाओं की आवाज में गाया सोहर
सासाराम के रहने वाले रामदुलार साह पेशे से एक साधारण ठेला चालक हैं, लेकिन उनकी खूबी उन्हें बेहद खास बनाती है। रामदुलार को पुरुष होने के बावजूद महिलाओं की आवाज में लोकगीत गाने में महारत हासिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर उन्होंने अपनी इस अद्भुत कला का प्रदर्शन किया।
रामदुलार ने पारंपरिक भोजपुरी सोहर गीत के माध्यम से अपनी भावनाओं को प्रकट किया और प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। महिलाओं की सुरीली और मद्धम आवाज में गाए गए उनके इस सोहर ने सुनने वालों को अचंभित कर दिया। ठेला चलाकर अपना गुजर-बसर करने वाले रामदुलार का यह तरीका प्रधानमंत्री के प्रति उनके प्रेम और सम्मान को अनूठे ढंग से बयां करता है।
मुस्लिम महिलाओं ने काटा केक
दूसरी ओर, सासाराम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मुस्लिम महिलाओं द्वारा बड़े उल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन अपने आप में बेहद अनूठा और चर्चा का विषय रहा। शहर के समाहरणालय के समीप स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे मुस्लिम समाज की महिलाओं ने इकट्ठा होकर केक काटा और पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘तीन तलाक’ जैसी कुप्रथा को कानूनन समाप्त कर देश की मुस्लिम महिलाओं को नई जिंदगी और आजादी दी है। आज मुस्लिम महिलाएं खुद को पूरी तरह सुरक्षित और सशक्त महसूस करती हैं। समाज से इस गंभीर कुरीति को दूर करने का श्रेय पूरी तरह से पीएम मोदी को जाता है।
पूर्व विधायक की मौजूदगी में लंबी उम्र की कामना
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पूर्व विधायक ललन पासवान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुस्लिम महिलाओं ने एक स्वर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे राजनीतिक कार्यकाल और उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने पीएम मोदी के समर्थन में नारे भी लगाए, जिससे सासाराम का यह जन्मदिन समारोह शहरभर में आकर्षण का केंद्र बन गया। एक तरफ लोकगीत के जरिए शुभकामनाएं और दूसरी तरफ सामाजिक बदलाव के लिए आभार, सासाराम की यह सुबह प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बेहद खास बन गई।



