अजयारविंद नामदेव, शहडोल। जिले में इन दिनों राजनीति का रंग कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है। ब्यौहारी क्षेत्र से सामने आई दो अलग-अलग तस्वीरों ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां भाजपा के सांसद और विधायक को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज होकर कुत्ते को ज्ञापन सौंपकर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया।
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सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और विधायक शरद कोल के काफिले को रोका
पहला मामला ब्यौहारी विधानसभा के ग्राम भमरहा प्रथम का है, जहां जन चौपाल कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और ब्यौहारी विधायक शरद कोल के काफिले को ग्रामीणों ने रोक लिया। ग्रामीण वर्षों से लंबित पड़ी समस्याओं को लेकर नाराज थे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सामने सड़क, पुल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए जवाब मांगा। कहना था कि कई बार मांग और शिकायतों के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।
13 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन
वहीं दूसरी तस्वीर ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र से सामने आई, जहां ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार, जन समस्याओं और 13 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों का आरोप था कि ज्ञापन लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, इससे नाराज कार्यकर्ता नगर परिषद कार्यालय के सामने धरने पर बैठे और बाद में विरोध स्वरूप एक कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधा गया। इन घटनाओं ने क्षेत्र की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को चर्चा के केंद्र में ला दिया है…


