अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा की छोटी काशी के नाम से मशहूर भिवानी नगरी इन दिनों पूरी तरह से भक्ति के रंग में सराबोर है। स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर परिवार की ओर से शुरू की गई भव्य नगर परिक्रमा ने गुरुवार को अपने सफर के 440 दिन पूरे कर लिए हैं। बालयोगी महंत चरणदास महाराज की देखरेख में चल रही इस अनूठी परिक्रमा को लेकर शहरवासियों और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। इसी कड़ी में गुरुवार को निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर परिक्रमा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रोज की तरह सुबह-सुबह श्रद्धालु भगवान के भजनों और जयकारों के साथ भिवानी की सड़कों पर निकले।

ऐतिहासिक दरवाजों और प्राचीन मंदिरों से रूबरू हो रही युवा पीढ़ी

लोकल रिपोर्टर की पड़ताल के मुताबिक, पिछले 440 दिनों से बिना रुके लगातार चल रही इस धार्मिक यात्रा का मकसद सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यह यात्रा भिवानी की पुरानी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत (Heritage) को दोबारा जिंदा करने का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। इस धार्मिक अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने बताया कि इस परिक्रमा के जरिए आज की युवा पीढ़ी शहर के अलग-अलग प्राचीन मंदिरों के दर्शन तो कर ही रही है, साथ ही भिवानी के ऐतिहासिक दरवाजों के महत्व और उनके पीछे छिपे गौरवशाली इतिहास को भी करीब से समझ रही है।

आत्मा की शुद्धि और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश

महंत चरणदास महाराज के अनुसार, यह नगर परिक्रमा केवल एक शारीरिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और पूरे भिवानी नगर के कल्याण की प्रार्थना है। जब सैकड़ों लोग बिना किसी स्वार्थ के समाज की सुख-समृद्धि के लिए एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो पूरे माहौल में एक सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। इससे लोगों का मानसिक तनाव दूर होता है और समाज में आपसी भाईचारा व समरसता मजबूत होती है। उन्होंने आगे बताया कि संत शिरोमणि कबीर साहब की जयंती के उपलक्ष्य में शहर में 29 जून तक पांच दिवसीय विशाल नगर परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई विशेष झांकियां भी शामिल होंगी।