मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. धर्मनगरी अयोध्या में रामपथ स्थित उदया चौराहे के समीप संचालित 100 साल पुरानी ऐतिहासिक साकेत गौशाला की भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है. धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दुबे ने गौशाला की बेशकीमती जमीन को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम दोबारा ज्ञापन सौंपा है. इस कदम के बाद स्थानीय धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
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संतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि गौशाला ट्रस्ट से जुड़े रामजी दास ने ट्रस्ट के मूल नियमों और बायलॉज के विपरीत जाकर गौशाला की जमीन को गैर-कानूनी तरीके से बेच दिया. उनका दावा है कि जिस जमीन का उपयोग केवल गौसेवा और गायों के संरक्षण के लिए होना चाहिए था, उस पर वर्तमान में भी अवैध कब्जा बना हुआ है. उन्होंने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, जमीन को कब्जा मुक्त कराकर पुनः गौशाला के उपयोग में लाने और दोषियों पर नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई करने की मांग की है.
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धर्म सेना प्रमुख ने कहा कि साकेत गौशाला का इतिहास एक शताब्दी पुराना है और गौमाता के नाम पर सुरक्षित इस जमीन पर किसी भी स्थिति में अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने पारदर्शी जांच कर गौशाला की जमीन को मुक्त नहीं कराया, तो वे गौभक्तों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे. उधर प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और इसमें उल्लेखित तथ्यों के आधार पर प्राथमिक जांच कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. रामपथ निर्माण के बाद उदया चौराहे के आसपास की जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिसके चलते इस भूमि से जुड़ा विवाद अयोध्या में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है.



