मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रामनगरी की सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने रामलीलाओं के मंचन में फैलाई जा रही अभद्रता और फूहड़ता पर कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने वीडियो जारी कर अयोध्या वासियों सहित सनातनियों और रामभक्तों से अपील की है. महंत राजू दास ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र अत्यंत मर्यादित है, लेकिन कहीं-कहीं रामलीलाओं में फूहड़ता फैलाई जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

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उन्होंने कहा कि हम इसका पुरजोर विरोध और निंदा करते हैं. भगवान राम की मर्यादा को यदि व्यक्ति अपने जीवन में उतार ले तो समाज की तमाम भ्रांतियां, कुप्रथाएं और पारिवारिक अव्यवस्थाएं समाप्त हो जाएंगी. उन्होंने रामलीला आयोजकों से मर्यादित रहकर कार्यक्रम करने की अपील करते हुए कहा कि भगवान राम के चरित्र से शिक्षा लेनी चाहिए.

वहीं नवरात्रि में आयोजित होने वाले डांडिया और गरबा कार्यक्रमों को लेकर भी महंत राजू दास ने हिंदू जनमानस और आयोजकों से आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जो वेद, पुराण, शास्त्र, उपनिषद और देवी-देवताओं को नहीं मानते, ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग डांडिया कार्यक्रमों में आकर बहन-बेटियों के साथ लव जिहाद का चक्कर चलाते हैं.

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महंत ने अपील की कि प्रवेश द्वार पर भगवान की फोटो रखकर पूजन कराएं और गोमूत्र पिलाकर ही अंदर प्रवेश दें. साथ ही कहा कि यदि इस्लाम और ईसाइयत को मानने वाले लोग वहां आ रहे हैं तो अपनी मां-बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं, अकेले न आएं. वीडियो के अंत में उन्होंने जय सियाराम, वंदे मातरम, सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय और भारत हिंदू राष्ट्र की जय के उद्घोष किए.