मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. अयोध्या की सैन्य छावनी में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. सरयू नदी के किनारे जंगली इलाके में कैमरे में कैद हुई तेंदुए की तस्वीरों ने वन विभाग और सेना दोनों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि वन विभाग का दावा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, पूरी स्थिति कंट्रोल में है और 24 घंटे निगरानी की जा रही है.

डीएफओ प्रखर गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वन विभाग आर्मी के एडम कमांडेंट और ब्रिगेडियर के साथ लगातार समन्वय में है. छावनी क्षेत्र में प्री-प्राइमरी और मीडियम कक्षाओं के स्कूल होने के कारण विशेष सतर्कता बरती जा रही है. आर्मी के जवानों और वनकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है, ताकि दिन में स्कूल क्षेत्रों में कोई बच्चा अकेला न रहे. छावनी में तैनात सभी जवानों और स्थानीय लोगों को सेंसिटाइज किया गया है. उन्हें बताया गया है कि तेंदुआ दिखने पर क्या करना है और क्या नहीं करना है.

इसे भी पढ़ें- राहुल जी, अपने दोस्त अखिलेश जी से पूछिएगा… OP राजभर ने इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल न होने पर पूछा सवाल, ज्ञानेश कुमार को लेकर दे डाली नसीहत

12 घंटे की दो शिफ्टों में पहरा

तेंदुए की गतिविधि पर नजर रखने के लिए जंगल में जगह-जगह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं. झाड़ियों के घने होने के कारण जहां कैमरा ट्रैप काम नहीं कर रहे, वहां आर्मी के सीसीटीवी नेटवर्क और कमान सेंटर की मदद ली जा रही है. सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है. वनकर्मी 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में तैनात किए गए हैं.

लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सूर्यास्त के बाद अकेले बाहर न निकलें. मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वाले लोग उजाले में ही वॉक करें और समूह में रहें. कुछ दिनों के लिए इवनिंग वॉक टालने की भी सलाह दी गई है. इसके साथ ही जंगल-झाड़ियों की सफाई कराई जा रही है, क्योंकि तेंदुआ शर्मीला जानवर है और छिपकर रहता है. सफाई से उसकी विजिबिलिटी बनी रहेगी.

इसे भी पढ़ें- ‘भारत के सभी मुसलमान कन्वर्टेड हैं’, बाबा रामदेव बोले- राम-कृष्ण उनके भी पूर्वज

हर साल आता है गोंडा से तेंदुआ

डीएफओ ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि यह हर साल की कहानी है. मानसून में सरयू नदी में उफान आने पर गोंडा के जंगलों से तेंदुए बहकर या भटककर छावनी क्षेत्र में आ जाते हैं. तेंदुआ एक जगह नहीं टिकता, वह बेहद मोबाइल होता है. जैसे ही नदी का जलस्तर कम होगा, वह अपने प्राकृतिक ठिकाने गोंडा की ओर लौट जाएगा.

अब तक का रिकॉर्ड साफ

वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस तेंदुए ने अब तक किसी इंसान या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है. सीसीटीवी में दिखा तेंदुआ सब-एडल्ट यानी युवा है. डीएफओ बोले, तेंदुआ इंसानों से दूर भागने वाला शर्मीला जानवर है, इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें. पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने गोवंश, खासकर छोटे बछड़ों को शाम और रात में घर के अंदर सुरक्षित बांधकर रखें. निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग से समन्वय किया गया है.