मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. धार्मिक नगरी अयोध्या से रामादल ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित कल्किराम का एक बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, वह बेहद निंदनीय और लोकतंत्र पर सीधा हमला है.
पंडित कल्कि राम ने इस्तीफे की मांग कर रहे लोगों पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि इस्तीफा मांगने से पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि उन्होंने आज तक कितने चुनाव लड़े हैं और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भूमिका क्या रही है. जिस व्यक्ति ने कभी चुनाव का मैदान देखा ही नहीं, वह एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल कैसे कर सकता है.
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उन्होंने जर्मनी से भारत आए यूट्यूबर ध्रुव राठी का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे आंदोलन से उनका क्या लेना-देना है और वह किस उद्देश्य से भारत आए हैं, यह देश को समझना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह जो विरोध की नई पार्टी खड़ी हुई है, इसका चुनाव आयोग से कोई लेना-देना नहीं है और इसके पीछे देश को अस्थिर करने की बड़ी साजिश है.
सनातन समाज से अपील करते हुए पंडित कल्कि राम ने कहा कि यह वक्त सोने का नहीं, जागने का है. यह प्रोटेस्ट सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं बल्कि गजवा-ए-हिंद जैसी सोच का एक हिस्सा है. अगर आज हम नहीं जागे तो बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात यहां भी बनते देर नहीं लगेगी. उन्होंने कहा कि हमारी महिलाओं और सेना में सेवा दे रहे हमारे भाइयों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने लायक नहीं है. अगर आज हम चुप रहे तो आने वाली पीढ़ी हमें कायर कहेगी और भविष्य में जो दुर्दशा होगी उसके जिम्मेदार हम ही होंगे.
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अंत में उन्होंने राष्ट्रहित में सभी सनातनियों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि अवैध घुसपैठियों को बसाने के लिए रचा जा रहा यह अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र कभी सफल नहीं होगा. सरकार अकेले कहां तक लड़ेगी, अब जनता को भी आगे आना होगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस उपद्रव में शामिल विदेशी ताकतें भी ध्यान रखें, आने वाले एक साल में उनकी तबाही निश्चित है.

