सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में अब प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से ‘ग्राम चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा. इस चौपाल मे गांव के लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा.

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मंगलवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्राम चौपाल का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम चौपाल में प्राप्त होने वाली शिकायतों का यथासंभव मौके पर ही निस्तारण किया जाए. यदि किसी मामले का तत्काल समाधान संभव न हो तो उसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर संबंधित अधिकारी उसकी नियमित निगरानी करें और शिकायतकर्ता को प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध कराएं.

केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम चौपाल को जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनाते हुए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय या लखनऊ तक न जाना पड़े. ग्राम चौपाल केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन की पहचान है. सरकार की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ का सामना न करना पड़े.

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उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाली ग्राम चौपाल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि ग्रामीण अपनी समस्याएं, सुझाव और आवश्यकताएं सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखें. उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम चौपाल के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा कि पेयजल, सड़क, आवास, स्वच्छता, मनरेगा, आजीविका मिशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महिला सशक्तिकरण, कृषि और अन्य विकास कार्यों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.