लखनऊ. सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद खाली होने को लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोजगार की हकीकत देखिए! सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2,647 पदों पर भर्ती 13 साल बाद भी लंबित है. अब भर्ती की तैयारी की खबरें आ रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि विज्ञापन और नियुक्ति की प्रक्रिया आखिर कब पूरी होगी?
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आगे चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर भर्ती अब शुरू भी हो जाती है, तो आशंका है कि दो महीने बाद चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाए और भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर पुराने ढर्रे पर अटक जाए. आखिर कब तक प्रदेश के युवा भर्ती की तारीखों और अनिश्चितताओं के बीच अपना भविष्य तलाशते रहेंगे?
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आगे उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने पर एक वर्ष के भीतर सभी विभागों के रिक्त पदों को भरने के लिए व्यापक भर्ती अभियान चलाया जाएगा. भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा. जो अधिकारी अपने पद की जिम्मेदारी निभाने में बाधा बनेगा, उसे पद से हटाकर उस पद को भी रिक्त मानते हुए उस पद के लिए भी शीघ्र नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सरकार का मतलब बेरोजगारी मुक्त उत्तर प्रदेश.

