नोएडा. डबल इंजन सरकार के विकास के खोखले दावों की पोल खोल देने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जो तथाकथित विकास की बदहाली को साफ बयां करता है. विज्ञापनों में यूपी में विकास की गंगा बहाने वाली योगी सरकार लोगों को मूलभूत सुविधा बिजली और साफ पानी भी मुहैया नहीं करा पा रही है. योगी सरकार की नाकामी की बानगी ऐसी कि 20 दिनों से सेक्टर-78 स्थित वाल्मीकि बस्ती में रहने वाले 400 परिवार नाले के अंदर से टूटी हुई पाइप लाइन से पानी भरकर ले जा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार अंधी हो चुकी है या फिर उसका सिस्टम बहरा हो चुका है? या फिर जानबूझकर 400 परिवार को नर्क में जीवन बिताने के लिए छोड़ दिया गया है?
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नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने मामले को लेकर बयान जारी किया और सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, ये किसी दूर-दराज़ गांव का नहीं, बल्कि देश के सबसे आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा का दृश्य है. सेक्टर-78 स्थित वाल्मीकि बस्ती में लगभग 400 परिवार पिछले 20 दिनों से बिजली और पानी की आपूर्ति तकनीकी कारणों से बंद होने के कारण भारी संकट झेल रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि महिलाएं, बुज़ुर्ग और बच्चे गंदे नाले से पानी ढोने को मजबूर हैं.
आगे उन्होंने कहा कि अगर समस्या वास्तव में तकनीकी थी, तो सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित और वैकल्पिक पानी-बिजली की व्यवस्था की जाती, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ, आखिर क्यों? क्या इसलिए कि पीड़ित परिवार बहुजन समाज से हैं? अगर यही संकट किसी पॉश कॉलोनी में होता, तो क्या वहां भी लोग 20 दिनों तक गंदे नाले से पानी ढोने को मजबूर रहते?
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आगे उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, एक ओर देश आज़ादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज के सैकड़ों परिवार पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यूपी सरकार से मांग है कि बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए, प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए और इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए.


