लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जीएसटी कलेक्शन में कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. जून 2026 में प्रदेश ने 9,165 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व जुटाया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत ज्यादा है. इस वृद्धि के साथ यूपी ने पंजाब, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 में प्रदेश को 7,675 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व मिला था, जबकि एक वर्ष बाद यह बढ़कर 9,165 करोड़ रुपये पहुंच गया. विशेषज्ञ इसे राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बढ़ती कारोबारी गतिविधियों का संकेत मान रहे हैं.
इन राज्यों में हुआ इतना कलेक्शन
वहीं तुलनात्मक रूप से देखें तो पंजाब में जीएसटी संग्रह में 14 प्रतिशत, केरल में 11 प्रतिशत और कर्नाटक में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में दो प्रतिशत की गिरावट रही.
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मई में 8,728 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन
मई महीने में भी प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर रहा था. मई 2026 में राज्य को 8,728 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो मई 2025 के 7,732 करोड़ रुपये की तुलना में 13 प्रतिशत ज्यादा था. लगातार दो महीनों तक दोहरे अंकों में हुई वृद्धि ने प्रदेश की आर्थिक मजबूती को और स्पष्ट किया है. राज्य सरकार का दावा है कि निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार को सुगम बनाने और कर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का सकारात्मक असर जीएसटी संग्रह पर दिखाई दे रहा है. सरकार का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और बेहतर कर प्रबंधन के कारण राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है.

