UP weather today. उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं. प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है. कई जगहों पर नदियों का कटान तेज हो गया है, जिससे मकान, पेड़ और धार्मिक स्थल खतरे में हैं. इस बीच बारिश की रफ्तार में कमी आने की संभावना है. हालांकि सोमवार को प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ ही बदली रहने के आसार भी हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 17 सितंबर तक प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं कुछ जगहों पर तेज बारिश भी हो सकती है. हालांकि इसे लेकर कोई अलर्ट नहीं है. आने वाले दिनों में अधिकतर क्षेत्र ग्रीन जोन में हैं. अगले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है.

पीलीभीत में शारदा का रौद्र रूप

पीलीभीत में शारदा नदी का कटान बेहद तेज हो गया है. तेज बहाव में किनारे पर बने कई मकान और विशाल पेड़ नदी में समा गए. ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. लोग सुरक्षित जगह की ओर पलायन कर रहे हैं.

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बाराबंकी में मस्जिद नदी में लटकी

लखनऊ से सटे बाराबंकी में सरयू-घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बावजूद कटान और तेज हो गया है. एक मस्जिद का आधा हिस्सा दो दिनों से नदी में लटका हुआ है. कभी भी पूरा ढांचा पानी में समा सकता है. 10 दिनों में सैकड़ों बीघा जमीन और कई मकान नदी की भेंट चढ़ चुके हैं. बाढ़ के पानी से ज्यादा खिसकती जमीन की चिंता सता रही है. वहीं बुलंदशहर में गंगा की तेज धार ने एक पक्का श्मशान घाट कुछ ही सेकंड में निगल लिया. अचानक जमीन और पक्के हॉल का हिस्सा भरभराकर नदी में खिसक गया.

गंगा-यमुना का जलस्तर फिर बढ़ा, घाट डूबे

कानपुर-उन्नाव में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है. किनारे के गांवों में 10 फीट तक पानी भर गया है. प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है. संगम के प्रमुख घाट पानी में डूबे हैं. 14 दिन बाद लेटे हनुमान जी के कपाट खोल दिए गए हैं. वाराणसी में मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर छतों पर अंतिम संस्कार हो रहा है, जबकि कुछ घाटों से पानी उतरने लगा है.