मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को जनपद बरेली में पुलिस सहयोग एवं अपराध नियंत्रण में सराहनीय योगदान देने वाले प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की सजगता और सतर्कता से गांव सुरक्षित बनते हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हैं. सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत के संकल्प की सशक्त नींव हैं.

प्रदेश सरकार ने ऐसा सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है, जिसमें लोग बेझिझक और निडर होकर घरों से निकल सकते हैं तथा जगह-जगह स्थित शक्तिपीठों और मंदिरों में माँ भगवती के दर्शन कर सकते हैं. हजारों की संख्या में स्थापित माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के माध्यम से श्रद्धालु जगज्जननी माँ दुर्गा के पूजन-अनुष्ठानों से जुड़कर अपनी आस्था को और सुदृढ़ कर रहे हैं.

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मानदेय वृद्धि के साथ ही प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों और उनके परिवार को Cashless स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में हम एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं. इसके तहत ग्राम प्रहरी और उनके परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की Cashless स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी. प्रदेश सरकार ने ऐसा सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है, जिसमें लोग बेझिझक और निडर होकर घरों से निकल सकते हैं तथा जगह-जगह स्थित शक्तिपीठों और मंदिरों में माँ भगवती के दर्शन कर सकते हैं.

जब सुरक्षा का बेहतर माहौल होता है, तो व्यापार बढ़ता है और निवेश भी उतनी ही मजबूती के साथ आता है. निवेश बढ़ने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं. 75 वर्षों में ग्राम प्रहरियों का मानदेय मात्र 1,500 प्रतिमाह तक पहुंच पाया था. विगत साढ़े नौ वर्षों में हमने इसमें 2,000 प्रतिमाह की वृद्धि की है.