कुंदन कुमार, पटना। एमएलसी की सीट नहीं मिलने और नामांकन पत्र नहीं भरने पर दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए से अलग होने और बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद से हटने को लेकर किए गए सवाल पर बड़ा बयान दिया है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि, हमारी पार्टी एनडीए के साथ है। टूटने का कोई सवाल ही नहीं है।

मंत्री पद से हटाने का कोई सवाल ही नहीं- उपेंद्र कुशवाहा

वहीं, बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर उठ रहे सवाल पर भी उन्होंने जवाब दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि, दीपक प्रकाश के मंत्री पद से हटाने का कोई सवाल ही नहीं है। मंत्री पद से कोई नहीं हटा सकता। दीपक प्रकाश को मंत्री बने हुए अभी एक महीना ही हुआ है। 6 महीना पूरा होने में अभी 5 महीना बाकी है।

LJPR के सांसद को दिया जवाब

वहीं, एलजेपी सांसद अरुण भारती द्वारा बड़ा दिल दिखाने की बात कहने पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि, बड़ा दिल दिखाने का क्या मतलब है? बड़ा दिल तो है ही आरएलएम का। वहीं, इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर कुशवाहा ने कहा कि, इंडिया गठबंधन में पूरी तरीके से स्वार्थी लोग एक साथ बैठक कर रहे थे। इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।

सांसद अरुण भारती ने कसा था तंज

गौरतलब है कि आज पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान एलजेपी आर के सांसद अरुण भारती ने दीपक प्रकाश को एमएलसी का टिकट नहीं मिलने पर शायराना तंज कसते हुए कहा था कि, गालिब का एक शेर है कि ‘हजारों ख्वाहीशें ऐसी की हर ख्वाहिश पर दम निकले’। उन्होंने कहा कि, गठबंधन में हर किसी को बड़ा दिल रखना पड़ता है। हर दल को सब कुछ नहीं मिलता है और गठबंधन में रहकर सबके लिए काम करना पड़ता है।

उपेंद्र कुशवाहा के नाराजगी पर कही थी ये बात

उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी से जुड़े एक सवाल पर सांसद अरुण भारती ने आगे कहा कि, उपेंद्र कुशवाहा जी को अगर कोई दिक्कत है, तो ऊपर प्लेटफार्म बना हुआ है। वह गठबंधन में जाकर अपनी बात वहां रख सकते हैं। वहीं, दीपक प्रकाश के द्वारा फेसबुक पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मंत्री का शब्द हटा दिए जाने पर उन्होंने कहा कि, वे भविष्य का संकेत दे रहे हैं।

दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर क्यों उठ रहा सवाल?

आपको बता दें कि बिहार सरकार में निशांत कुमार के अलावा दीपक प्रकाश ही एक ऐसे मंत्री हैं, जिन्होंने सम्राट सरकार में बिना किसी सदन का सदस्य रहते हुए मंत्री पद की शपथ ली है। दीपक प्रकाश ने 2025 चुनाव के बाद नीतीश सरकार का जब गठन हुआ तो, उस समय भी उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि इस एमएलसी चुनाव में जदयू से निशांत को तो टिकट मिल गया और उन्होंने अपना नामांकन भी कर दिया।

वहीं, दीपक प्रकाश को उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, ऐसे में अब उनके मंत्री पद पर संकट के बादल दिखने लगे हैं। उधर लगातार बिना किसी सदन का सदस्य रहते हुए दो बार मंत्री पद की शपथ लेने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। इन सबके बीच कल सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट से मंत्री शब्द को हटा दिया, जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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