अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए सीमा शुल्क लगाकर अमेरिका में ही खलबली मचा दिया है. अमेरिका के 25 राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इन सभी राज्यों ने कहा कि US प्रेसीडेंट ने इसे लगाकर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है. इस नए सीमा शुल्क का असर चीन, भारत और यूरोपीय संघ समेत कई बड़े व्यापारिक साझेदारों पर पड़ा है.
उनका आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने पर्याप्त कानूनी आधार के बिना यह फैसला लिया. साथ ही ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 301 का गलत इस्तेमाल किया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. ट्रंप प्रशासन के नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों ने सोमवार को मुकदमा दायर कर दिया है. 25 राज्यों ने 60 देशों से आयात होने वाले सामान पर लगाए गए 10% और 12.5% टैरिफ को चुनौती दी है.
इन राज्यों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में याचिका दायर कर अदालत से मांग की है कि इन टैरिफ को तुरंत रोका जाए, इन्हें गैरकानूनी घोषित किया जाए. अमेरिका ने पिछले महीने यूरोपीय संघ और 59 देशों पर डबल डिजिट में टैरिफ लगाया था.
राज्यों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फरवरी में पुराने आयात करों को रद किए जाने के बाद, प्रशासन अवैध रूप से टैक्स बढ़ाने के लिए नए बहानों का सहारा ले रहा है.
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स समेत 25 राज्यों ने इस कदम को अवैध बताया है। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों पर बोझ बढ़ेगा.
हालांकि, इस साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि IEEPA कानून के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार सरकार को नहीं है. वहीं, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने सरकार के फैसले का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि बंधुआ मजदूरी से बने सामान को न रोकना अमेरिकी व्यापार और मजदूरों के लिए नुकसानदेह है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


