Business Desk – अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG Supplier बन गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को CII के कार्यक्रम में बताया कि होर्मुज संकट के बाद भारत की करीब 67% कुकिंग गैस यानी LPG सप्लाई अमेरिका से आ रही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत ने अपनी Energy Security Policy में तेजी से बदलाव किया है।

इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अब कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा LNG Supplier भी बन गया है। मई से जुलाई 2026 के बीच कतर से भारत का LNG Import 91% घटा, जबकि अमेरिका से सप्लाई में 253% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारत ने कुल 7.08 मिलियन टन LNG आयात किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 15% ज्यादा है।
US से 2.19 मिलियन टन LNG Supply, Qatar पीछे
मई-जुलाई 2026 के दौरान अमेरिका ने भारत को 2.19 मिलियन टन LNG की सप्लाई की और सबसे बड़ा Supplier बन गया। नाइजीरिया 1.31 मिलियन टन के साथ दूसरे नंबर पर रहा। वहीं कतर से सप्लाई घटकर सिर्फ 0.23 मिलियन टन रह गई। यह सालाना आधार पर 91% की गिरावट है।
इस दौरान ओमान से LNG सप्लाई में सबसे तेज 341% Growth दर्ज की गई। भारत का LNG Import अब कतर पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका, अफ्रीका और गैर-कतरी मिडिल ईस्ट के Suppliers की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहा है।
India की Gas Demand 197 mmscmd पहुंची
रिपोर्ट के मुताबिक, जून में भारत की कुल Natural Gas Demand 197 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन यानी 197 mmscmd रही। यह पिछले महीने से 7% और पिछले साल से 2% ज्यादा है।
Power Sector को छोड़कर गैस की मांग 176 mmscmd रही। वहीं LNG Consumption मई से 13% और पिछले साल से 10% बढ़कर 110 mmscmd हो गई। Domestic Gas Consumption 87 mmscmd पर स्थिर रही और भारत की Gas Import Dependency 56% रही।
CGD Sector सबसे बड़ा Gas Consumer
क्षेत्रवार देखें तो City Gas Distribution यानी CGD 58 mmscmd मांग के साथ सबसे बड़ा गैस ग्राहक रहा। Fertilizer Sector में 55 mmscmd और अन्य Industries में 41 mmscmd गैस की खपत हुई।
Power Sector की मांग बढ़कर 21 mmscmd रही। Refinery Sector ने 15 mmscmd और Petrochemical Sector ने 7 mmscmd गैस की खपत की। हालांकि पेट्रोकेमिकल सेक्टर की मांग पिछले साल के मुकाबले अभी भी 48% कम है।
Global LNG Price 20 डॉलर के पार
ऊंची ग्लोबल कीमतों के बावजूद भारत का LNG Import मजबूत बना हुआ है। मई में 2.4 मिलियन टन और जून में 2.3 मिलियन टन LNG Arrivals दर्ज हुए। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल Arrivals 6.2 मिलियन टन रहे। जुलाई के Provisional आंकड़ों में 2.1 मिलियन टन Arrivals दर्ज हुए।
एशियाई Spot LNG Price 20 डॉलर प्रति MMBtu से ऊपर बनी हुई है। चीन का Import मौसमी औसत से ऊपर है, जबकि यूरोप का Gas Storage 58% पर है, जो ऐतिहासिक औसत से नीचे है।
Hormuz Crisis में भी नहीं हुई Fuel Shortage
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बावजूद देश में LPG और Crude Oil की कमी नहीं होने दी गई। युद्ध से पहले भारत 50% Crude Oil, 90% LPG और 60% अन्य गैस इसी रूट से मंगाता था।
उन्होंने कहा कि देश के 1.07 लाख से ज्यादा Fuel Outlets में से एक भी पंप सूखा नहीं रहा। 2014 में देश में करीब 52 हजार Fuel Outlets थे।
Crude Oil के Import Sources 27 से बढ़कर 41 देश
भारत ने अपने Crude Oil Supply Sources को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है। वहीं City Gas Distribution का दायरा 55 Geographical Areas से बढ़ाकर 309 तक पहुंचाया गया है। भारत के पास करीब 60 दिनों का Crude Oil Cover भी मौजूद रहा।
Sea Manthan Program में 84,000 करोड़ रुपए की योजना
सरकार ने Deep Sea में Oil और Natural Gas Exploration को बढ़ावा देने के लिए Sea Manthan Program को मंजूरी दी है। इसके तहत 84,000 करोड़ रुपए की योजना है। पुरी ने कहा कि Deep Sea Drilling सरकार नहीं, बल्कि Private Players करेंगे। Offshore Exploration में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार प्रति कुएं 650 करोड़ रुपए तक या Drilling Cost का 50% तक आर्थिक सहयोग देगी।


