Vaishali Boat Accident: वैशाली के राघोपुर में मंगलवार की रात गंगा नदी में नाव पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद कल बुधवार की देर शाम नेता प्रतिपक्ष और राघोपुर से विधायक तेजस्वी यादव अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना जाहिर की। इस घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर कोताही, लापरवाही एवं उदासीनता के दोषी सभी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि इस दौरान उन्हें विरोध का भी सामना करना पड़ा।

तो बच सकती थी जान- तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने रामपुर श्यामचंद गांव में नाव दुर्घटना से प्रभावित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि, यह बहुत दर्दनाक घटना है। जांच होनी चाहिए अगर ऑक्सीजन सिलेंडर होता तो जान बच सकती थी। SDRF और NDRF अगर पहले आ गया होता तो जान बच जाती। ईश्वर से प्रार्थना है कि बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करे। परिवार को न्याय मिलना चाहिए और सही से जांच होनी चाहिए।

‘सम्राट चौधरी से नहीं संभल रहा बिहार’

वहीं, राघोपुर पहुंचने से पहले मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि, हम पीड़ित बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। यह जांच का विषय है कि रात में नाव कैसे टूटी? नाव पर इतने सारे लोग कैसे सवार थे? उन्होंने कहा कि, इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि बचाव दल देर से क्यों पहुंचा? हम अब पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे हैं और पार्टी उन्हें आर्थिक मदद देगी। ऐसी घटनाएं हर जगह हो रही हैं, बिहार सरकार गंभीर नहीं है और सम्राट चौधरी से बिहार नहीं संभल रहा है।

तो विधायक पद से इस्तीफा दे दीजिए….

घटना के बाद अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे तेजस्वी यादव को इस दौरान भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा। तेजस्वी को देख लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और कुछ लोग उनके विरोध में नारेबाजी भी करने लगे। इस दौरान लोगों ने कहा कि, जब आपसे कुछ हो नहीं रहा है, तो विधायक पद से इस्तीफा दे दीजिए। आप राघोपुर के विधायक हैं। यहां पर रास्ता नहीं है।

13 बच्चों की मौत, 7 बच्चियां एक परिवार की

गौरतलब है कि बीते मंगलवार की रात 8:30 बजे के करीब राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। इसमें 9 बच्चियां और 4 बच्चे शामिल हैं, जो 15 वर्ष के नीचे के हैं। वहीं, 6 लोगों को यहां से बचा लिया गया है, जिनका इलाज NMCH में चल रहा है। सभी लोग नाव पर सवार होकर तेहरवीं खाने के लिए जा रहे थे। इस दौरान नाव के अचानक डूब जाने से यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों में 7 बच्चियां एक ही परिवार की हैं।

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