वैशाली। बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अब ताजा मामला वैशाली जिले से सामने आया है, जहां पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के बेहद करीबी और ‘आदर्श इमरजेंसी हॉस्पिटल’ के निदेशक मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव को जान से मारने की धमकी दी गई है। अपराधियों ने न केवल व्हाट्सएप पर रंगदारी मांगी है, बल्कि रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है।

​व्हाट्सएप पर मिला धमकी भरा मैसेज

​पीड़ित पिंटू यादव के मुताबिक, यह घटना उस समय उजागर हुई जब रात को सोने से पहले उन्होंने अपना मोबाइल चेक किया। उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से संदेश आया हुआ था। मैसेज की भाषा बेहद पेशेवर और डराने वाली थी। अपराधियों ने कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हुए “1L दो” (एक लाख रुपये) की मांग की। संदेश में स्पष्ट लिखा था कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो उन्हें गोली मार दी जाएगी।

10 साल की ‘सुरक्षा’ का विचित्र ऑफर

​इस रंगदारी की सबसे चौंकाने वाली बात अपराधियों द्वारा दिया गया ‘सुरक्षा का आश्वासन’ है। मैसेज में अपराधियों ने पिंटू यादव को झांसा देते हुए लिखा कि यदि वे एक लाख रुपये दे देते हैं, तो अगले 10 साल तक उन्हें कोई परेशान नहीं करेगा और वे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। यह बिहार में अपराध के एक नए ट्रेंड को दर्शाता है, जहां अपराधी व्यापारियों को डरा-धमकाकर लंबे समय के लिए ‘प्रोटेक्शन मनी’ वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।

​कौन हैं मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव?

​मनीष कुमार उर्फ पिंटू यादव वैशाली क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और नेता हैं। वे हाजीपुर में आदर्श इमरजेंसी हॉस्पिटल का संचालन करते हैं। इसके साथ ही, उनकी पहचान राजनीतिक गलियारों में भी काफी मजबूत है। वे पूर्णिया के वर्तमान सांसद और कद्दावर नेता पप्पू यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं और पूर्व में उनकी पार्टी के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

​दहशत में व्यापारिक समुदाय और पुलिस की कार्रवाई

​इस धमकी के बाद हाजीपुर और आसपास के इलाकों के डॉक्टरों और व्यापारियों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। पिंटू यादव ने बिना देरी किए स्थानीय थाने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मामले की लिखित जानकारी दी है।

​पुलिस का पक्ष

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की आईटी सेल और विशेष टीम उस व्हाट्सएप नंबर को ट्रैक करने में जुट गई है जिससे मैसेज भेजा गया था। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित को आश्वस्त किया है कि उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाएगी और अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।