अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना ने यमुनानगर की छछरौली अनाज मंडी में किसानों से मुलाकात की और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कानून व्यवस्था (Law and Order), पोर्टल की राजनीति और महिला आरक्षण की शर्तों को लेकर सरकार को घेरा।
परवेज खान, यमुनानगर। जिले की छछरौली अनाज मंडी में किसानों का दर्द जानने पहुंचे अंबाला के सांसद वरुण मुलाना ने भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। मुलाना ने कहा कि बीजेपी सरकार हर सीजन में जानबूझकर नई समस्याएं खड़ी कर देती है। उन्होंने सरकार के ई-पोर्टल (E-portal) मॉडल को ‘धोखा’ करार देते हुए कहा कि जनता से आवेदन तो ऑनलाइन लिए जाते हैं, लेकिन असली फैसले आज भी पुरानी कागजी फाइलों (Manual Files) पर ही होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ “पोर्टल-पोर्टल” खेल रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों की फसल सही ढंग से नहीं बिक पा रही है और प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है।
कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री सैनी पर प्रहार
प्रदेश की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए वरुण मुलाना ने कहा कि हरियाणा में अब दिनदहाड़े फायरिंग और फिरौती मांगना आम बात हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर तंज कसते हुए कहा कि सीएम साहब पंजाब जाकर वहां की कानून व्यवस्था सुधारने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उन्हें अपने राज्य हरियाणा की बिगड़ती हालत नजर नहीं आती। मुलाना ने पूछा कि आखिर हरियाणा की जनता को इस डर के माहौल से कब मुक्ति मिलेगी? सरकार अपराधियों पर लगाम लगाने के बजाय चुनावी प्रचार में व्यस्त है।
महिला आरक्षण और संगठन के ढांचे पर घेरा
वरुण मुलाना ने महिला आरक्षण (Women’s Reservation) बिल को लेकर भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरक्षण में ऐसी शर्तें जोड़ दी हैं जिससे यह 9-10 साल बाद ही लागू हो पाएगा, जो महिलाओं के साथ एक मजाक है। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा ने आज तक किसी महिला को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया और न ही उनके सहयोगी संगठनों में महिलाओं को प्रमुख जिम्मेदारी दी जाती है। मुलाना के अनुसार, भाजपा केवल वोट बैंक के लिए वादे करती है, लेकिन जब अधिकार देने की बात आती है तो पीछे हट जाती है।

