रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जामपाड़ा में एक महिला संबंधी विवाद ने बेहद भयानक और हिंसक रूप ले लिया। पंचायत स्तर पर समझौते की कोशिशें विफल होने के बाद एक पक्ष ने गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस पूरे विवाद और हिंसक हमले के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में पानी की होद में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम और भारी दहशत का माहौल है।
पंचायत में नहीं बनी बात, आरोपियों ने की हवाई फायरिंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जामपाड़ा गांव में महिला से जुड़े एक विवाद को लेकर पंचायत बैठी थी, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया जा रहा था। देखते ही देखते बात बिगड़ गई और आपसी सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद एक पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से गांव पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने गांव में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, गांव में दहशत का माहौल पैदा करने के लिए आरोपियों द्वारा हवाई फायरिंग भी की गई। अचानक हुए इस हमले और गोलियों की आवाज से डरे-सहमे ग्रामीण अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए।
खूनी संघर्ष के बीच दो मासूमों की संदिग्ध मौत
इस खूनी संघर्ष और अफरातफरी के दौरान ही गांव की दो मासूम बच्चियां-4 वर्षीय ऋषिका और 5 वर्षीय शिवानी-लापता हो गईं, जिनकी बाद में पानी की होद में डूबने से मौत हो गई। इस हिंसक हमले के बीच बच्चियों की मौत कैसे हुई, इसे फिलहाल बेहद संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि बच्चियां डरकर भागते समय हादसे का शिकार हुईं या इसके पीछे कोई और वजह है।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव
घटना की सूचना मिलते ही राजोद पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और मामले में संलिप्त 21 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। स्थिति की गंभीरता और तनाव को देखते हुए जामपाड़ा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। सरदारपुर एसडीओपी (SDOP) सहित पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले के हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।

