परवेज खान,यमुनानगर। जिले के इब्राहिमपुर गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि गांव के दर्जनों परिवारों को पीने के पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सिर पर मटके रखकर दूर-दराज इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से उनके मोहल्ले में पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो पब्लिक हेल्थ विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया गया। उनका कहना है कि जानबूझकर उनके क्षेत्र में कम पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि गांव के अन्य हिस्सों में पर्याप्त जलापूर्ति की जा रही है।

गांव के मुस्ताक, दिलशाद, न्यामू, नाजरा, स्कूरी, बग्गा, फरमीदा, मीना, ताज मोहम्मद, सालिम, नवाब और कुरबान सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कमी के कारण घरों में पीने का पानी, भोजन बनाने और अन्य दैनिक कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

ट्यूबवेल ऑपरेटर की लापरवाही पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने पेयजल संकट के लिए ट्यूबवेल ऑपरेटर और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि लापरवाही और भेदभावपूर्ण रवैये के कारण कुछ मोहल्लों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।

एसडीओ ने दिए जांच के संकेत

मामले पर पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ गुरदीप सिंह ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है कि ट्यूबवेल ऑपरेटर की लापरवाही के कारण कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि ऑपरेटर को बुलाकर जवाब तलब किया जाएगा और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

गांव में लगातार बढ़ते जल संकट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों को इंतजार है कि विभाग कब तक उनकी इस मूलभूत समस्या का समाधान करता है।