Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित व्यस्त मास्टरकैंटीन चौराहे पर ऑनलाइन ऑटो चालकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सड़क जाम करने, उपद्रव मचाने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने में शामिल चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य के परिवहन विभाग ने उपद्रव में शामिल वाहनों के परमिट, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन ऑटो चालकों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है या आम नागरिकों पर हमला किया है, उन्हें इस नुकसान की भरपाई करनी होगी। हिंसा में शामिल चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ वाहनों के आरसी और रूट परमिट भी रद्द किए जाएंगे। इसके अलावा, राजधानी में चल रहे सभी अवैध ऑटो स्टैंडों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
कमिश्नरेट पुलिस द्वारा अब तक 113 चालकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है। इस हिंसा के मामले में खारवेल नगर थाने में कुल 7 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से:
‘आम बस’ कर्मचारियों की तरफ से: 4 मामले
आम जनता की तरफ से: 2 मामले
पुलिस प्रशासन की तरफ से: 1 मामला
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने आम बस (Ama Bus) और पुलिस वाहनों सहित लगभग 15 गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी।
पुलिस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और जब्ती सूची की जांच के आधार पर सड़क जाम में इस्तेमाल किए गए 400 से अधिक ऑटो-रिक्शा की पहचान की गई है। भुवनेश्वर-1 आरटीओ (RTO) ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86(1)(b) के तहत सभी संबंधित वाहन मालिकों और परमिट धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मालिकों को स्पष्टीकरण देने और व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आरटीओ कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो विभागीय स्तर पर परमिट स्थायी रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे।
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