अनमोल मिश्रा, सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले के नागौद अंतर्गत परसमनिया गढ़ी में हुए सनसनीखेज गोलीकांड के बाद अब पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। राजघराने की बहू पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उन्हें लहूलुहान करने वाली मुख्य आरोपी महिला सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा ‘वीआईपी (vip) ट्रीटमेंट’ दिए जाने का मामला सामने आया है।
कोल्डड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी भी परोसा गया
दरअसल आरोपी सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर जब परसमनिया पुलिस चौकी लाया गया, तो उसे अमूमन अपराधियों की तरह लॉकअप में बंद करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने बकायदा बैठने के लिए कुर्सी उपलब्ध कराई। इतना ही नहीं, भरी गर्मी में आरोपी का गला तर करने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा कोल्डड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी भी परोसा गया।
केन्द्रीय जेल सतना भेज दिया
मामले को लेकर उचेहरा थाना प्रभारी ने बताया कि घायल महिला योगिता सिंह की शिकायत के आधार पर उचेहरा थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का गंभीर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उमरी निवासी मुख्य आरोपी सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में केन्द्रीय जेल सतना भेज दिया गया है।
दामाद ने उकसाया था
घायल योगिता सिंह की मां नरेन्द्र कुमारी ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया है कि- सिर्फ सुनीता सिंह को आरोपी बनाया है, जबकि मेरे दामाद ‘बाबाराजा’ पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस खुलेआम दामाद का बचाव कर रही है, जबकि सच यह है कि दामाद ने ही सुनीता को मेरी बेटी पर गोली चलाने के लिए उकसाया था।

