Dharm Desk – सनातन धर्म में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का अत्यंत विशेष और आध्यात्मिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इन पवित्र ज्योतिर्लिंगों के दर्शन मात्र से भक्त के समस्त पाप और कष्ट दूर हो जाते है। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सभी 12 राशियां किसी न किसी ज्योतिर्लिंग से सीधे जुड़ी हुई हैं। कहा जाता है की राशि के अनुसार ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से भोलेनाथ भक्त की मनोकामना जल्द पूरी करते हैं।

प्रत्येक व्यक्ति को अपनी राशि के अनुसार, संबंधित ज्योतिर्लिंग के दर्शन अवसय करने चाहिए।यदि आप सभी ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करने में असमर्थ हैं, तो कम से कम अपनी राशि के अनुकूल निर्धारित ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

राशि के अनुसार ज्योतिर्लिंगों की सूची

मेष राशि: रामेश्वरम (तमिलनाडु)
वृषभ राशि: सोमनाथ (गुजरात)
मिथुन राशि: नागेश्वर (गुजरात)
कर्क राशि: ओमकारेश्वर (मध्य प्रदेश)
सिंह राशि: घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र)
कन्या राशि: मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश)
तुला राशि: महाकालेश्वर (मध्य प्रदेश)
वृश्चिक राशि: वैद्यनाथ (झारखंड)
धनु राशि: काशी विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश)
मकर राशि: भीमाशंकर (महाराष्ट्र)
कुंभ राशि: केदारनाथ (उत्तराखंड)
मीन राशि: त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र)

शिव कृपा पाने का सरल मार्ग

ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि वैसे तो प्रत्येक श्रद्धालु को जीवन में सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। हालांकि, यदि समय या परिस्थितियों के कारण सभी स्थानों पर जाना संभव न हो, तो अनीप राशि से जुड़े मुख्य ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से विशेष शिव कृपा प्राप्त होती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी शांत होते हैं।