Dharm Desk – सावन का महीना भक्ति, साधना और संयम का प्रतीक माना जाता है. इस साल सावन का महीना 29 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा. इस पूरे महीने भगवान शंकर की आराधना का खास महत्व होता है. जहां एक ओर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और उपवास करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है, वहीं दूसरी ओर कुछ छोटी-छोटी गलतियां भी आपके पुण्य को प्रभावित कर सकती हैं. इन्हीं में से एक गलती है कपड़ों के रंग का चुनाव भी है.

सावन में इन रंगों के कपड़े पहनना शुभ होगा

  1. हरा रंग – हरे रंग को सावन महीने का सबसे प्रमुख और शुभ रंग माना जाता है. यह प्रकृति समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.
  2. सफेद रंग – सावन के महीने में सफेद कलर के कपड़े पहनना चाहिए, ये कलर मन को शांत और शुद्ध रखने में मदद करता है. शिवजी को भी सफेद रंग अत्यंत प्रिय माना जाता है.
  3. पीला रंग – पीला कलर भगवान विष्णु और गुरु का प्रतीक माना जाता है. जो शुभता और ज्ञान का संकेत देता है.
  4. गुलाबी या केसरिया – ये दोनों कलर भक्ति और सकारात्मकता को बढ़ाने वाले कलर माने जाते हैं.

इन रंगो के वस्त्र पहनने से बचें

  1. सावन के महीने में नीले और बैंगनी रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए धार्मिक दृष्टि से ये दोनों रंग शनि और राहु से जुड़े माने जाते हैं. जो शिव पूजा के दौरान बाधा उत्पन्न कर सकते हैं. सावन का महीना समय पूरी तरह भोलेनाथ की भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का होता है. इसलिए ऐसे रंगों से सावन के महीनों में दूरी बनाए रखना चाहिए.
  2. बहुत गहरे और भड़काऊ रंग के वस्त्र भी मन की शांति में बाधा डाल सकते हैं इसलिए साधारण और शांत रंगों का चुनाव बेहतर रहता है.

सावन सोमवार का खास महत्व

इस दिन भोलेनाथ की पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे में सोमवार के दिन सफेद और हरे रंग के कपड़े पहनना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि सफेद रंग चंद्रमा से जुड़ा होता है और सोमवार का दिन भी चंद्रमा का होता है, इसलिए यह रंग मानसिक शांति और शिव कृपा दिलाता है. हरा रंग जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है.

सावन में रंगों के साथ संयम भी जरूरी

सिर्फ रंग ही नहीं बल्कि पूरे सावन में जीवनशैली को भी सात्विक रखना जरूरी है. सावन के महीने में मांस-मदिरा तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर रखने से ही इस पवित्र माह का पूर्ण फल मिलता है. इस सावन सही रंगों का चुनाव करके आप न सिर्फ अपनी भक्ति कोऔर मजबूत बना सकते हैं. इसके साथ ही शिव की विशेष कृपा भी पा सकते हैं.